मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में विशेष सत्र

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर साझा किया कि मातृशक्ति उनके लिए केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि सृजन, संस्कार और सामर्थ्य की आधारशिला है। इसी दृष्टिकोण के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण को लेकर एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में संसद और देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने के संकल्प पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी गई है, और अब उनकी राजनीतिक भागीदारी को भी सशक्त करना अगला महत्वपूर्ण कदम है। यह संकल्प देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है।

श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम के रूप में याद रखी जाएगी। सत्र में समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से आई महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। वरिष्ठ विधायकों और महिला नेतृत्व ने भी चर्चा में भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए और इस महत्वपूर्ण संकल्प का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों के मार्ग में किसी भी बाधा को न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। यह विषय किसी भी दल या राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है। ऐसे में हर सकारात्मक पहल का समर्थन आवश्यक है।