24 अप्रैल को वैशाख शुक्ल अष्टमी के अवसर पर मां बगलामुखी जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। तंत्र साधना और शक्ति उपासना में विशेष महत्व रखने वाली मां बगलामुखी को दश महाविद्याओं का आठवां स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां अपने भक्तों के शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और शक्ति को स्तंभित कर रक्षा करती हैं। इस विशेष अवसर पर देशभर के सिद्धपीठों में पूजा-अर्चना, हवन और विशेष अनुष्ठान हो रहे हैं। मध्य प्रदेश के नलखेड़ा, दतिया और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित बनखंडी धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
श्रद्धालु शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी, आर्थिक संकट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति के लिए मां की आराधना कर रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पीले वस्त्र पहनकर मां बगलामुखी की पूजा, हल्दी की माला से मंत्र जाप और पीले पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। विशेष समस्याओं के अनुसार साधक अलग-अलग उपाय भी करते हैं, जिन्हें अत्यंत प्रभावकारी बताया गया है। मां बगलामुखी जयंती को शक्ति साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

समस्याओं के अनुसार करें ये अचूक उपाय:
शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए – स्नान के बाद पीली सरसों से हवन करना बेहद प्रभावी माना गया हैं. यह उपाय शत्रुओं को शांत कर उनके प्रभाव को कम करता है.
कोर्ट-कचहरी के मामलों में जीत के लिए – इस दिन बगलामुखी कवच का पाठ करने से कानूनी विवादों में सफलता मिलने की मान्यता है.
स्वास्थ्य सुधार के लिए – शहद, घी, शक्कर, दूब, गुरुच और लावा मिलाकर हवन करने से बीमारियों में राहत मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
पारिवारिक कलह दूर करने के लिए – घर की थोड़ी धूल को कपड़े में बांधकर सुनसान जगह पर दबाने का उपाय घरेलू तनाव को कम करने में सहायक माना जाता है.
व्यापार में तरक्की के लिए – सफेद फूलों का गमला मंदिर में दान करें और एक गमला अपने पार्टनर को भेंट करे. इससे संबंध मजबूत होते हैं.लाभ के योग बनते है.
मानसिक शांति के लिए – मीठे बासमती चावल सफेद गाय को खिलाने से मन को शांति मिलती है, और तनाव दूर होता है.
प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए – भांजे या भतीजे को नए कपड़े उपहार में देकर उनका आशीर्वाद लेने से सफलता के रास्ते खुलते है.
वैवाहिक सुख के लिए – पति-पत्नी साथ में दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर मुख कर मां का ध्यान करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं.
