प्रयागराज। मौनी अमावस्या से ही माघ मेले में धरने पर बैठे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत शुक्रवार को बिगड़ गई। उनको बुखार हो गया है। खुले आसमान के नीचे छह दिन से बैठने के कारण उनके स्वास्थ्य में खराबी आई है। चिकित्सकों से परामर्श लिया गया है। फिलहाल वह आराम कर रहे हैं और लोगों से मुलाकात करने से बच रहे हैं। शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने तबीयत खराब होने की पुष्टि की है।
मौनी अमावस्या पर मेला प्रशासन ने उनकी पालकी रोक दी थी और उन्हें वापस लौटा दिया था। शंकराचार्य के शिष्य और संतों का आरोप है कि चोटी और शिखा पकड़कर उनको पटक कर मारा गया। दंड छीनकर फेंक दिए गए। पिटाई के कारण कई साधु-संन्यासियों की हालत खराब हो गई।
घटना से नाराज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धरना शुरू कर दिया है। उनको पुलिस ने पालकी समेत उनके त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के सामने छोड़ दिया था। तब से वह उसी अवस्था में अपनी पालकी पर ही बैठे हैं और अपनी जिद पर अड़े हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के साथ उन्हें ससम्मान स्नान कराकर शिविर में प्रवेश कराएगा तभी वह अपने शिविर में जाएंगे।