धान खरीदी में 2.54 करोड़ का घोटाला: स्टॉक गड़बड़ी पर केंद्र प्रभारी के खिलाफ FIR

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मुंगेली। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की चमक के पीछे भ्रष्टाचार का एक काला अध्याय सामने आया है। मुंगेली जिले के हथनीकला खरीदी केंद्र में 2.54 करोड़ के धान का ऐसा ‘जादू’ हुआ कि, रिकॉर्ड में तो बोरियां भरी थीं, लेकिन हकीकत में केंद्र खाली मिला। इस महाघोटाले के मुख्य आरोपी केंद्र प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत के खिलाफ सिटी कोतवाली में FIR दर्ज कर ली गई है।

कलेक्टर के निर्देश पर जब संयुक्त टीम ने छापेमारी की, तो सिस्टम की धज्जियां उड़ती दिखीं। ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुताबिक केंद्र पर 9,798 क्विंटल धान होना चाहिए था, लेकिन मौके पर सिर्फ 7,534 क्विंटल ही पाया गया। यानी 8,216 क्विंटल धान का कहीं अता-पता नहीं है। 3100 प्रति क्विंटल की दर से यह गबन सीधे तौर पर ढाई करोड़ से ज्यादा का है।

घोटालेबाजों ने सिर्फ मात्रा ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता में भी खेल किया। रिकॉर्ड में कीमती ‘सरना’ धान दर्ज था, लेकिन मौके पर उसकी जगह सस्ता ‘मोटा’ धान मिला। जांच में पाया गया कि, आरोपी प्रभारी ने अपने पिता के साथ मिलकर कंप्यूटर ऑपरेटर और बारदाना प्रभारी की गैर-मौजूदगी में सिस्टम से छेड़छाड़ की और फर्जी एंट्री के जरिए धान को ठिकाने लगा दिया। घोटाला उजागर होते ही आरोपी प्रभारी मोबाइल बंद कर फरार हो गया है। प्रशासन द्वारा घर पर नोटिस चस्पा करने के बाद भी कोई जवाब न मिलने पर, पुलिस ने ‘अमानत में खयानत’ का मामला दर्ज किया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि, इस करोड़ों के खेल में और कितने बड़े ‘खिलाड़ी’ शामिल हैं।