रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित केंद्रीय जेल में नवरात्र के अवसर पर भक्ति और आस्था का अनूठा माहौल देखने को मिल रहा है। आमतौर पर जेल की चारदीवारी और कड़ी सुरक्षा के बीच रहने वाले बंदी इन दिनों मां दुर्गा की आराधना में लीन हैं। जेल परिसर में माता के जयकारे गूंज रहे हैं और ढोलक-मंजीरे की धुन पर जसगीत तथा भजन-कीर्तन किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि नवरात्र के नौ दिनों का उपवास रखने वाले बंदियों की संख्या 760 है, जिनमें 52 महिला बंदी भी शामिल हैं।
० जसगीत और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल
नवरात्र के दौरान रायपुर केंद्रीय जेल में प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। बंदी पूरे श्रद्धाभाव से धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। ढोलक और मंजीरे की धुन पर गाए जा रहे जसगीत तथा माता के जयकारों से जेल परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। नौ दिनों तक चलने वाली इस साधना में बंदी अपनी आस्था के अनुसार उपवास रखकर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन कर रहे हैं। इनमें 52 महिला बंदियों की सहभागिता भी उल्लेखनीय है। जेल की चारदीवारी के भीतर नवरात्र का यह आयोजन धार्मिक आस्था और आध्यात्मिकता का विशेष दृश्य प्रस्तुत कर रहा है।
० भक्ति के साथ आत्मचिंतन का अवसर
जेल में बंदियों के लिए नवरात्र केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समय आध्यात्मिक शांति और आत्मचिंतन का अवसर भी प्रदान करता है। कठिन परिस्थितियों के बीच पूजा-पाठ और भक्ति में शामिल होकर बंदी अपनी धार्मिक आस्था से जुड़ रहे हैं। नवरात्र के दौरान आयोजित पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन से जेल परिसर में सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। 760 बंदियों द्वारा उपवास रखा जाना इस आयोजन में उनकी भागीदारी को दर्शाता है। इस तरह रायपुर केंद्रीय जेल में नवरात्र का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है।
