इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 10वां संस्करण: पीएम मोदी बोले- मोबाइल बना सुशासन का माध्यम

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री सुबह करीब 10 बजे यशोभूमि पहुंचे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सभागार में मौजूद व्यक्तियों को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने नाना पाटेकर को भी याद किया।

मुफ्त की कमाई बंद हुई तो चीखते रहें, मैं लीकेज रोकता रहूंगा: पीएम मोदी:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो गई, वे मोदी को प्यार करेंगे क्या? वे कितना भी चीखते-चिल्लाते रहें, मैं यह काम करता रहूंगा। अगर पुरानी व्यवस्था होती तो पांच लाख करोड़ रुपये लीकेज में चले जाते, लेकिन मोदी ने इसे रोका है। अब यह पैसा सही काम में लग रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत चार लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए जा चुके हैं। यह राशि हर चार महीने में किसानों तक पहुंचती है और ऐसे लोगों तक जाती है, जहां पहले कभी पैसा नहीं पहुंचता था।

साइबर फ्रॉड रोकने के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क जरूरी: पीएम मोदी:
पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन ने भारत में कंटेंट क्रिएशन में क्रांति ला दी है, लेकिन फोन और नेटवर्क की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सामान्य नागरिक प्रोटोकॉल की भाषा में नहीं सोचता। जब उसके पास फोन आए तो उसे पता होना चाहिए कि कौन फोन कर रहा है। जब वह पेमेंट करे तो उसे भरोसा होना चाहिए कि उसका पैसा सुरक्षित है और उसका डेटा भी सुरक्षित है। साइबर फ्रॉड सीमाओं को नहीं मानते। एक देश में बैठा व्यक्ति दूसरे देश की मदद से तीसरे देश में अपराध कर रहा है। ऐसे में जरूरी है कि हम साइबर फ्रॉड रोकने के लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क पर काम करें।

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सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आने से आसान हुई जिंदगी: पीएम मोदी:
पीएम मोदी ने कहा कि भारत भाषा और भूगोल के लिहाज से विविधता वाला देश है। इसकी वजह से लोगों के जीवन में कई तरह की असुविधाएं भी आती हैं। मोबाइल ने इस विविधता को सुविधा से जोड़ने का काम किया है। पहले बैंक, अस्पताल और सरकारी दफ्तर शहरों में होते थे, जिससे गांव के लोगों का समय खर्च होता था। आज सरकार की सैकड़ों सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध हैं। डीबीटी के जरिए पैसा सीधे लोगों के खातों में जा रहा है और पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं।

मोबाइल-इंटरनेट से सुदूर गांवों तक पहुंची गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: पीएम मोदी:
मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने शिक्षा, भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं को बिना बाधा जारी रखने में मदद की है। आज सुदूर गांवों और गरीब परिवारों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बना पा रहे हैं। कोविड के दौरान 2022 तक दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ से ज्यादा लर्निंग सेशन दर्ज हुए। हमारा प्रयास है कि ऑनलाइन शिक्षा के जितने भी माध्यम हैं, उनसे गरीबों को जोड़ा जा सके।

मोबाइल-इंटरनेट से सुदूर गांवों तक पहुंची गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: पीएम मोदी:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने शिक्षा, भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने में मदद की। आज सुदूर गांवों और गरीब परिवारों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बना पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान 2022 तक दीक्षा मंच पर 500 करोड़ से ज्यादा सीखने के सत्र दर्ज किए गए। सरकार का प्रयास है कि ऑनलाइन शिक्षा के सभी माध्यमों से गरीबों को जोड़ा जा सके।

भारत में मोबाइल बनाकर आसान बनाई लोगों की जिंदगी- पीएम मोदी:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय भारत में डिजिटल उपकरण बड़ी चुनौती थे और आधुनिक तकनीक का फायदा वही उठा पाता था, जिसके पास साधन होते थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए मोबाइल फोन को केंद्र में रखा और तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। इसके साथ डिजिटल बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया और भारत में मोबाइल व अन्य दूरसंचार उपकरणों के निर्माण की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इसमें सफलता मिली है और आज इससे लोगों की जीवनशैली आसान हुई है।

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‘डाटा और फोन सस्ते कैसे हुए, भारत के फोकस को समझेंगे तो पता चलेगा’:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत दूरसंचार क्षेत्र में जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें इंडिया मोबाइल कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इस बार सम्मेलन में ‘हर सीमा से परे जाकर विस्तार’ विषय चुना गया है और भारत ने अपने अनुभव के जरिए इस सोच को साकार करके दिखाया है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोबाइल संचार सिर्फ संपर्क का माध्यम नहीं रहा, बल्कि सुशासन का एक महत्वपूर्ण साधन भी बनकर सामने आया है और यह भारत के डिजिटल विजन के केंद्र में रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में डाटा और मोबाइल फोन सस्ते होने की बात अक्सर सुनने को मिलती है, लेकिन ये कैसे संभव हुआ, इसे समझने पर भारत के प्रमुख फोकस क्षेत्रों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

25 साल की देश सेवा पर पीएम मोदी ने जताया आभार:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल देश की सेवा करते हुए उनके 25 साल पूरे हुए हैं और वह इसके लिए सभी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस के भी 10 साल पूरे हुए हैं। पीएम ने कहा कि यह गर्व की बात है कि जीएसएमए बोर्ड की बैठक के लिए भारत को चुना गया। उन्होंने नाना पाटेकर के निधन पर भी दुख जताया और कहा कि वह बेहतरीन कलाकार थे, जिन्होंने अपने किरदारों से दर्शकों का दिल जीता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के कई संस्करणों में लोगों के बीच आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि 2022 में इसी मंच से देश में 5जी की शुरुआत की गई थी। 2023 में इसी मंच से बताया गया कि भारत 5जी के क्षेत्र में किस तरह आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इसी मंच पर अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की मौजूदगी भी देखने को मिली।

‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ है इस बार की थीम:
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ यानी बिना सीमाओं के विस्तार रखी गई है। इस आयोजन में भारत के दूरसंचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीकी क्षेत्र में हुए विकास को दुनिया के सामने रखा जा रहा है। कार्यक्रम सरकार, दूरसंचार कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप और निवेशकों को एक मंच पर ला रहा है।

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5जी-6जी से एआई और साइबर सुरक्षा तक चर्चा:
इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 5जी और 6जी, अगली पीढ़ी के एआई नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, उपग्रह आधारित नेटवर्क, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान रहेगा। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, डिजिटल ढांचे और तकनीक के कारोबारी इस्तेमाल से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी।

चार नए क्षेत्रों पर भी रहेगा जोर:
इस बार आयोजन में चार नए क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इनमें स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम अनुभव, औद्योगिक रोबोटिक्स और परिवहन तकनीक शामिल हैं। यानी मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर रोजमर्रा की जिंदगी और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों को भी यहां प्रदर्शित किया जाएगा।

100 से ज्यादा देशों से आएंगे लोग:
सरकार के मुताबिक, इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 100 से ज्यादा देशों के 1.5 लाख से अधिक प्रतिभागियों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन में 500 से ज्यादा साझेदार और प्रदर्शक, 600 से ज्यादा स्टार्टअप और 900 से ज्यादा विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। यहां 2,000 से ज्यादा तकनीकी उपयोग के उदाहरण और 120 से ज्यादा सत्र भी होंगे।

700 से ज्यादा निवेशक बैठकें भी होंगी:
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में तकनीकी प्रदर्शन के साथ निवेश और कारोबार पर भी जोर रहेगा। कार्यक्रम के दौरान 700 से ज्यादा निवेशक बैठकें प्रस्तावित हैं। इसका मकसद तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप और निवेशकों के बीच सहयोग और कारोबारी अवसर बढ़ाना है।

आयोजन में क्या-क्या देखने को मिलेगा?:
चार दिन चलने वाले इस आयोजन में तकनीक के कई नए प्रयोग और उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यहां 6जी, एआई आधारित नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, उपग्रह संचार, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और डिजिटल ढांचे से जुड़े प्रदर्शन होंगे। स्टार्टअप और नई तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों को भी अपने उत्पाद और विचार सामने रखने का मौका मिलेगा।

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