नई दिल्ली। रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के मध्य स्थित रोमानियाई एथेनियम (Romanian Athenaeum) यूरोप के सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक कॉन्सर्ट हॉल्स में गिना जाता है। वर्ष 1888 में जनता के लिए खोली गई यह भव्य इमारत अपनी गोलाकार संरचना, विशाल गुंबद और उत्कृष्ट नक्काशी के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह न केवल रोमानिया का एक प्रमुख लैंडमार्क है, बल्कि वर्षों से बड़े सांस्कृतिक आयोजनों और शास्त्रीय संगीत कार्यक्रमों का केंद्र भी रहा है। इस इमारत का डिजाइन फ्रांस के प्रसिद्ध वास्तुकार अल्बर्ट गैलेरोन ने तैयार किया था। नियोक्लासिक शैली में निर्मित यह इमारत अपनी भव्य वास्तुकला के लिए जानी जाती है। वर्ष 2007 में इसे यूरोपीय विरासत स्थलों की प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया था। हॉल के अंदर प्रवेश करते ही गुलाबी संगमरमर से बनी चार विशाल घुमावदार सीढ़ियां दिखाई देती हैं, जो बारोक शैली की बेहतरीन शिल्पकला का उदाहरण हैं। ये सीढ़ियां पूरे परिसर को शाही और आकर्षक स्वरूप प्रदान करती हैं।
इमारत के सामने स्थित पार्क में रोमानिया के प्रसिद्ध कवि मिहाई एमिनेस्कु की प्रतिमा स्थापित है। वहीं मुख्य सभागार में 652 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। सभागार की सबसे खास विशेषता इसकी गोलाकार दीवार पर बनी विशाल भित्तिचित्र पेंटिंग है, जिसे प्रसिद्ध चित्रकार कोस्टिन पेट्रेस्कु ने बनाया था। यह पेंटिंग रोमन सम्राट ट्रोजन की विजय से लेकर 1918 में ग्रेटर रोमानिया के गठन तक का इतिहास दर्शाती है। रोमानियाई एथेनियम का संगीत इतिहास भी बेहद गौरवशाली रहा है। 1 मार्च 1898 को प्रसिद्ध संगीतकार जॉर्ज एनेस्कु ने अपनी चर्चित रचना “रोमानियन पोएम” का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन यहीं किया था। इसके अलावा वर्ष 1914 में लुडविग वैन बीथोवेन की प्रसिद्ध “नाइंथ सिम्फनी” का रोमानियाई रियासतों में पहला मंचन भी इसी सभागार में हुआ था। ऐतिहासिक प्रस्तुतियों, शानदार वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के कारण रोमानियाई एथेनियम आज यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित शास्त्रीय संगीत केंद्रों में शामिल है।
