सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
ट्रंप ने संकेत दिया कि संभावित कार्रवाई की शुरुआत ईरान के प्रमुख पावर प्लांट्स से की जा सकती है। हालांकि, इस चेतावनी पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है।
वैश्विक बाजार में उथल-पुथल
हॉर्मूज मार्ग बंद होने से दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका असर वैश्विक बाजार में साफ दिखाई दे रहा है, जहां ऊर्जा कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है।
दबाव में अमेरिकी प्रशासन
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती ऊर्जा कीमतों और वैश्विक दबाव के चलते अमेरिकी प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि ट्रंप ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए समयसीमा तय कर दी है।
अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो यह तनाव बड़े सैन्य टकराव में बदल सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर लंबे समय तक पड़ सकता है
ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान को 48 घंटे के भीतर हॉर्मूज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से खोलने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकती है।
