वॉशिंगटन। फ्रांस में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों का गुस्सा अब हिंसक झड़पों में बदलता दिख रहा है। पेरिस समेत कई शहरों में हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं पुलिस से भिड़ंत हो रही है, तो कहीं आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे प्रदर्शनों पर तंज कसा है। उन्होंने फ्रांस को क्रांति के लिए मशहूर बताते हुए ऐसी टिप्पणी की, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है।
‘फ्रांस में तो क्रांति करना आम बात है!’:
ट्रंप ने अपने अंदाज में फ्रांस की मौजूदा हालत पर चुटकी ली। उन्होंने एक काल्पनिक बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति से 5,000 डॉलर मिलने के बाद चीन घूमने चलते हैं, फिर जापान जाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने फ्रांस का नाम लेते हुए व्यंग्य किया कि वहां घूमने जाना भी एक विकल्प है, क्योंकि वह एक खूबसूरत जगह है, जहां न दंगे होते हैं और न क्रांतियां! हालांकि, यह कहते हुए ट्रंप ने तुरंत तंज भी कस दिया कि फ्रांस में क्रांति करना लोगों को कुछ ज्यादा ही आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के कई हिस्सों में सरकार और मौजूदा हालात के खिलाफ नाराजगी सड़कों पर दिखाई दे रही है।
सड़कों पर उतरे लाखों लोग, हजारों गिरफ्तार:
फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को हुए प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। वहीं, सीजीटी ट्रेड यूनियन ने प्रदर्शनकारियों की संख्या 8 लाख बताई। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 1,200 लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रदर्शन में येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े लोग भी शामिल रहे।
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आखिर क्यों भड़का लोगों का गुस्सा?:
फ्रांस में येलो वेस्ट आंदोलन की शुरुआत 2018 में हुई थी। उस समय ईंधन पर टैक्स बढ़ाने की योजना के खिलाफ लोगों ने विरोध शुरू किया था। ग्रामीण इलाकों और कामकाजी वर्ग के लोगों का कहना था कि कार पर निर्भर रहने के कारण बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा बोझ उन्हीं पर पड़ रहा है। वक्त के साथ आंदोलन कमजोर जरूर पड़ा, लेकिन महंगाई और जीवनयापन के खर्च को लेकर नाराजगी खत्म नहीं हुई।
जेडी वेंस ने भी साधा निशाना:
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्रांस की अशांति को लेकर पश्चिमी उदारवादी नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विविधता और सहानुभूति के नाम पर दूसरे देशों की आबादी को पश्चिमी समाजों में बसाया गया, लेकिन उनके मुताबिक लोगों के बीच तालमेल और सामाजिक एकीकरण जैसे मुद्दों की अनदेखी हुई। वेंस ने फ्रांस की ऐतिहासिक इमारतों में आग लगने की घटनाओं पर चिंता जताई और उम्मीद जताई कि हालात जल्द सुधरेंगे। साथ ही उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को भी आगाह करते हुए इस स्थिति को डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों से जोड़ने की कोशिश की।
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