पापांकुशा एकादशी पर दान का महत्व, विवाह योग से लेकर धन लाभ तक मिलेंगे शुभ संकेत

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Papankusha Ekadashi Fast 2026: इस साल पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्तूबर 2026 को रखा जा रहा है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, फल और वस्त्रों का दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। साथ ही, जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और तरक्की आती है। कुछ खास चीजों का दान करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने की भी मान्यताएं हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि पापांकुशा एकादशी के दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।

पांच प्रकार के अनाज का दान:
पापांकुशा एकादशी के दिन पांच प्रकार के अनाज का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अन्न का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। जरूरतमंदों को अनाज दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

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पीले फलों का दान:
इस शुभ तिथि पर जरूरतमंदों को पीले रंग के फलों का दान करना भी लाभकारी माना जाता है। भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय है, इसलिए इस दिन पीले फलों का दान करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। इससे जीवन में सकारात्मकता और सौभाग्य की कामना की जाती है।

केले का दान:
पापांकुशा एकादशी पर केले का दान करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, केले का संबंध भगवान विष्णु से है। इस दिन जरूरतमंदों को केले दान करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

वस्त्रों का दान:
एकादशी के दिन जरूरतमंदों को वस्त्रों का दान करना पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि जरूरतमंदों की सहायता करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। इस दिन साफ-सुथरे वस्त्रों का दान करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

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पापांकुशा एकादशी 2026 तिथि:
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 21 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा।
एकादशी तिथि का समापन 22 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर होगा।
उदयातिथि के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्तूबर 2026 को रखा जाएगा।

पापांकुशा एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त:
पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 45 मिनट से सुबह 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।