आयुष्मान कार्ड गड़बड़ी का मामला विधानसभा में गूंजा, करोड़ों के धांधली का आरोप

Follow Us

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज आयुष्मान कार्ड के तहत प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितता का मामला गरमा गया। कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने बालोद जिले के अर्जुन्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

प्रश्नकाल के दौरान निषाद ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से सीधा सवाल दागा कि क्या आयुष्मान योजना के तहत भुगतान में अनियमितता की शिकायत मिली है और दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई।

मंत्री का जवाब- ‘गलती हुई, लेकिन घोटाला नहीं’

स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि शिकायत के बाद जांच समिति बनाई गई थी। जांच में कुछ त्रुटियां सामने आईं, लेकिन किसी भी प्रकार की आर्थिक अनियमितता नहीं पाई गई। मंत्री ने कहा कि यह मानवीय भूल है, किसी अधिकारी-कर्मचारी की जानबूझकर संलिप्तता नहीं मिली। संबंधित अधिकारी को नोटिस देकर भविष्य में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री ने साफ किया कि “खाते में एक भी रुपया ट्रांसफर नहीं हुआ, एंट्री जिला स्तर तक ही सीमित रही, इसलिए एफआईआर का सवाल ही नहीं उठता।”

विपक्ष का पलटवार- ‘करोड़ों की हेराफेरी, दबाव में हुई एंट्री’ विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सरकार के जवाब को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पुख्ता जानकारी है कि करोड़ों की अनियमितता हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर के दबाव में कर्मचारियों ने आयुष्मान कार्ड के डेटा में छेड़छाड़ की और फर्जी एंट्री कर गड़बड़ी की गई।

निषाद ने कहा कि “डाटा एंट्री ऑपरेटर के जरिए आईडी में छेड़छाड़ कर पूरा खेल किया गया है, यह सिर्फ ‘मानवीय भूल’ नहीं, सुनियोजित गड़बड़ी है।”

FIR की मांग, सरकार का इनकार

मामले में विधायक उमेश पटेल और देवेंद्र यादव ने भी हस्तक्षेप करते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। लेकिन मंत्री जायसवाल अपने रुख पर कायम रहे और दो टूक कहा कि जब आर्थिक नुकसान हुआ ही नहीं, तो आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

जांच पर उठे सवाल, नई जांच की मांग तेज विपक्ष ने पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। निषाद ने चेतावनी दी कि अगर मामले की गहराई से जांच नहीं कराई गई, तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।

विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल काफी गरम रहा।