पाकिस्तान का बदला रुख: पहले अमेरिका को कोसा, अब ट्रंप की नाराजगी के डर से ईरान की आलोचना की

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पाकिस्तान का दोगलापन एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने आया है। जहां अमेरिका-इरजाइल का ईरान पर हमला और सर्वोच्य नेता अली खामेनई की मौत का पहले पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने विरोध किया। वहीं जब पीएम शहबाज शरीफ के बड़े अब्बू यानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हुए तो पाकिस्तान मिडिल ईस्ट में ईरान की कार्रवाई को कोसने लगा। इससे साफ है कि पाकिस्तान दो नावों पर सवार होने की कोशिश कर रहा है। वहीं पहले पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमलों की निंदा की और इन्हें अनुचित बताया। वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान की ओर से सऊदी अरब और खाड़ी देशों में किए गए हमलों की आलोचना की।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट करके बताया कि ईरान के हमलों के बाद उन्होंने बहरीन, कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से बात की है और इन हमलों की वजह से उपजे क्षेत्रीय तनाव की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि पाकिस्तान की सरकार और जनता ईरान के लोगों के साथ उनके दुख और शोक की घड़ी में शामिल हैं और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक पुरानी परंपरा रही है कि राष्ट्रध्यक्षों और सरकार को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। पाकिस्तानी सरकार के इस रुख से उलट वहां की जनता ईरान के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। पाकिस्तानी जनता का एक बड़ा वर्ग खामेनेई की हत्या से बेहद गुस्से में है और वे इजरायल और अमेरिका को लेकर काफी नाराज नजर आ रहे हैं। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जहां ईरान के समर्थन और अमेरिका-इजरायल की नीतियों के विरोध में नारे लगाते लोग नजर आए।

आपको बता दें की ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मुस्लिम देशों में अमेरिका-इजराइल के खिलाफ प्रोटेस्ट हो रहे हैं. खामेनेई की मौत के बाद पूरे पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन हुए। खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान के कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया. प्रदर्शनकारियों नेदूतावास परिसर के बाहर आगजनी और तोड़फोड़ की. स्थिति बिगड़ने पर US कॉन्सुलेट में तैनात अमेरिकी के जवानों मिलिट्री ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चलाई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई. वहीं लाहौर और इसलामाबाद और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में भी खामेनेई की की मौत के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए।