बिलासपुर : बिलासपुर पुलिस ने सरकंडा क्षेत्र में हुई करोड़ों रुपये की लूट की गुत्थी सुलझा ली है। आईजी ने बिलासा गुड़ी में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड दिल्ली का शातिर अपराधी विजय लांबा है। विजय ने अपने अंतरराज्यीय गैंग के साथ मिलकर 17 फरवरी की रात ज्वेलरी व्यवसायी संतोष तिवारी से करीब ढाई किलो सोना, साढ़े तीन लाख नकद और उनकी कार लूट ली थी।
वारदात और पुलिस की घेराबंदी
राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी मंगलवार रात अपनी दुकान बढ़ाकर घर लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने वैन अड़ाकर उन्हें रोका और मारपीट कर उनकी कार व जेवर लेकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पड़ोसी राज्यों को अलर्ट किया। उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर पुलिस और सोनभद्र बॉर्डर पर घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल के पैर में गोली लगी है।
पिछली विफलता से ली सीख, फिर बनाया नया गिरोह
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि विजय लांबा ने 19 दिसंबर को भी जबड़ापारा में लूट की कोशिश की थी, लेकिन वह विफल रहा। उस मामले में पुलिस ने उसके साथी को गिरफ्तार किया था, लेकिन विजय फरार हो गया। फरारी के दौरान वह शहर में ही छिपा रहा और दिल्ली, यूपी व राजस्थान के अपराधियों को बुलाकर एक नया ‘डेथ स्क्वाड’ तैयार किया।
गांजा तस्कर ने दिया भागने का रास्ता
लुटेरों को शहर से बाहर निकालने में सीपत क्षेत्र के एक गांजा तस्कर मोहम्मद इरफान ने अहम भूमिका निभाई। इरफान ने आरोपियों को अपनी देखरेख में अंबिकापुर बॉर्डर पार कराया, जिसके बदले उसे डेढ़ लाख रुपये दिए गए। पुलिस ने इरफान को भी गिरफ्तार कर लिया है।
बरामदगी और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- ढाई किलो सोना (कीमत करोड़ों में)
- 1,46,000 नकद
- 32 बोर का देसी पिस्टल और 315 बोर का तमंचा (जिंदा कारतूसों के साथ)
- वारदात में इस्तेमाल आई-20 कार
गिरफ्तार लुटेरे: विजय लांबा (दिल्ली), मोनू उर्फ राहुल (नोएडा), विनोद उर्फ बीनू (कोटा, राजस्थान), करीम खान (बरेली, यूपी) और इरफान अली (सीपत, बिलासपुर)।
