15 माओवादियों ने महासमुंद में किया आत्मसमर्पण, 75 लाख के इनामी सब जोनल ब्यूरो सुर्दशन भी शामिल

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  • ओडिशा का संबलपुर रेंज हुआ नक्सलमुक्त

महासमुंद । बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद (बीबीएम) डिवीजन के 15 नक्सलियों ने रात सरसापाली के जंगल से निकलकर आत्म समर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों में ओडि़शा राज्य कमेटी के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास उर्फ सुर्दशन भी शामिल हैं। विकास पर 25 लाख का इनाम रखा गया था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार पुलिस के सामने सरेन्डर करने वाले इन नक्सलियों में 9 महिला व 6 पुरूष नक्सली शामिल हैं। नक्सलियों ने एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा, आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा, आईजी संबलपुर हिमांशु लाल, महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह, एसपी बरगढ़, एसपी बलांगीर, एसपी महासमुंद की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया। बता दें कि ओडि़शा राज्य कमेटी के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास उर्फ सुदर्शन ने कुछ दिनों पूर्व गृहमंत्री विजय शर्मा के नाम पत्र लिखकर 2-3 मार्च को आत्म समर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुडऩे की इच्छा जाहिर की थी। गृहमंत्री विजय शर्मा को लिखे पत्र में पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास ने कहा है कि डीवीसी के 3, एसी के 5, पीएम के 7 कुल 16 (छग-14 तथा तेलंगाना-1) सभी अभी ओडि़शा राज्य में है। हम सभी ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण करने का निर्णय लेकर छत्तीसगढ़ की ओर निकले हैं। एक टीम आगे निकलकर पूर्व माओवादी सागर से संपर्क कर बाहर निकलने की तैयारी में जुटी है। शेष लोग बीमार कामरेड्स के साथ धीरे-धीरे आ रहे हैं। 27-28 फरवरी तक वे भी पहुँच जाएंगे। उसके बाद 1 मार्च को फिर से संपर्क कर रिसीविंग का प्लान बनाकर बाहर आएंगे। पत्र में 1 मार्च तक का समय मांगा गया था। पत्र में ओडि़शा पुलिस की कॉम्बिंग गश्त रोकने की मांग करते हुए कहा गया था कि इससे हमारे साथी तितर-बितर हो सकते हैं। ऐसा हुआ तो उन्हें फिर से ढूँढना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए हमारे बलांगीर बरगढ़ और महासमुंद तीनों जिलों में सर्चिंग ऑपरेशन रोका जाए। हम 1 मार्च को आएंगे। गृहमंत्री की सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए आकाशवाणी से जारी अपील के बाद शनिवार-रविवार की दरिम्यानी रात छत्तीसगढ़ के 14 व 1 तेलंगाना के कुल 15 माओवादियों ने जिसमें 9 महिला व 6 पुरूषों ने अपने हथियार सहित सन्य सामग्री के साथ सरायपाली के जंगल से निकलकर पुलिस की तगड़ी सुरक्षा के बीच आत्मसमर्पण कर दिया।

ओडिशा राज्य कमिटी के सदस्य थे सभी नक्सली

सभी 15 आत्मसमर्पित नक्सली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ओडिशा राज्य कमिटी के सदस्य थे। ओडिशा राज्य कमिटी के अंतर्गत ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी जोन के बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद डिवीजन के सदस्य थे। इनमेंं सबसे सीनियर विकास उर्फ सुदर्शन उर्फ जंगू उर्फ बाबन्ना उर्फ राजन्ना उर्फ मुप्पीही साम्बाईह (57) – ग्राम- तारलापल्ली, थाना- हनुमाकोण्डा, जिला-वारंगल (तेलंगाना) का मूल निवासी है, जो 1985 से संगठन में सक्रिय था। उस पर 25 लाख का इनाम था। इसी तरह डिविजनल कमिटी सदस्य मंगेश 2010 में ओडिशा आने से पहले डीकेएसजेडसी के उत्तर बस्तर डिवीजऩ के प्लाटून 5 का सदस्य था। डिविशनल कमिटी सदस्य बाबू 2010 में ओडिशा आने से पहले डीकेएसजेडसी के माइ डिवीजन के प्लाटून 1 का सदस्य था। दोनों पर 8 लाख का इनाम है। वहीं, आत्मसमर्पित नक्सलियों में 6 सदस्य नीला, सोनू, रीना, दिनेश, दीपना, रानील सेंट्रल कमिटी सदस्य चलपति के गार्ड के रूप में कार्यरत रहे हैं। गरिआबंद के कुल्हाड़ीघाट ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ में माओवादियों का पहला केंद्रीय कमिटी सदस्य मारा गया था जिसके बाद बाद उक्त 6 सदस्य ट्रांसफर होकर बीबीएम में विकास के अधीन कार्यरत है। इन 15 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर पुलिस रेंज के साथ-साथ ओडिशा का संबलपुर रेंज पूर्ण रूप से नक्सलमुक्त हो गए हैं।