30 करोड़ का धान खराब या गायब? विधानसभा में गरजा विपक्ष, मंत्री बोले- 31 मार्च तक होगा पूरा उठाव

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को धान खरीदी और उठाव का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने प्रश्नकाल के दौरान सक्ति जिले में धान के उठाव में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 30 करोड़ रुपये का धान खराब, गायब या चूहों द्वारा नष्ट होने की स्थिति सामने आई है।

विधायक यादव ने कहा कि जब समय पर धान का उठाव नहीं होता तो बारिश और नमी की वजह से धान खराब हो जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से यह स्थिति बनी है, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि 17 जनवरी के बाद धान का उठाव अस्थायी रूप से रोका गया था, जिसका कारण धान की रिसाइक्लिंग की शिकायतें थीं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह रोक खरीदी पर नहीं बल्कि उठाव पर थी।

मंत्री ने बताया कि सक्ति जिले में 47.41 लाख क्विंटल धान की खरीदी की गई है, जिसमें से करीब 3.61 लाख क्विंटल धान का उठाव अभी बाकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 31 मार्च से पहले सभी केंद्रों से धान का उठाव पूरा कर लिया जाएगा। विपक्ष के सवालों के बीच नेता प्रतिपक्ष ने भी सरकार से पूछा कि रिसाइक्लिंग की शिकायतें किन-किन स्थानों से आई थीं और इस पर क्या कार्रवाई की गई है।

इस दौरान विधायक रामकुमार यादव ने मांग की कि धान खराब होने या कमी पाए जाने की स्थिति में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई न हो, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने भी सुझाव दिया कि धान खरीदी और भुगतान की पूरी जानकारी केंद्रों पर बोर्ड लगाकर सार्वजनिक की जाए, ताकि किसानों को स्पष्ट जानकारी मिल सके। इस पर खाद्य मंत्री ने बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया।