बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में पिछले तीन महीनों में 8 लोगों की संदिग्ध मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। मामला कसडोल थाना क्षेत्र का है, जहां ग्रामीणों के आरोपों के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति ने शराब में जहर मिलाकर कई लोगों को पिलाया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले शनिवार को एक शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। इसके बाद मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से 6 और शवों को कब्र से बाहर निकाला। इन सभी शवों का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जबकि एक शव का पहले ही दाह संस्कार हो चुका है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस टीम गांव में कैंप कर जांच कर रही है और ग्रामीणों से लगातार पूछताछ की जा रही है। ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि आरोपी बताए जा रहे रामसाय जायसवाल ने कथित रूप से जमीन में गड़े खजाने (हंडा) को पाने के लिए इन घटनाओं को अंजाम दिया। हालांकि, इस तरह की बातों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसे भी जांच के दायरे में रखे हुए है।
सूत्रों के मुताबिक, फरवरी से मई 2026 के बीच गांव में कई लोगों की मौत हुई थी, जिनमें चैतू साहू, पूर्व सरपंच छातूराम साहू, विनोद साहू, बद्री पटेल, जगानंद माछी, बुटालू साहू, बुधराम जायसवाल और महत्तरू साहू शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक व्यक्ति ने शराब पी थी लेकिन उल्टी होने से उसकी जान बच गई, जिसके बाद पूरे मामले पर संदेह गहराया। इसी आधार पर ग्रामीणों ने शिकायत कर जांच की मांग की थी। इसके बाद पुलिस, राजस्व विभाग और Forensic Science Laboratory (FSL) की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू की है। प्रशासन ने सभी शवों का पुनः परीक्षण कर सच्चाई सामने लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
