इस 20 मिनट के मुहूर्त में करे होलिका दहन, शाम को शुरू होगा भद्रा काल, जाने दहन का सही समय …

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इस बार होलिका दहन को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि 2 और 3 मार्च दोनों ही दिन पूर्णिमा तिथि पड़ रही है. 3 मार्च को चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है. ऐसे में सही तिथि और मुहूर्त को लेकर भ्रम की स्थिति है. लेकिन ज्योतिषियों की सर्वसम्मति के अनुसार होलिका दहन 2 मार्च को करना शुभ रहेगा. क्योंकि इस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि रहेगी. मान्यता है कि होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में और भद्रा रहित मुहूर्त में ही किया जाना चाहिए. वहीं 3 मार्च को प्रदोष काल के समय चंद्रग्रहण रहेगा. इसलिए उस दिन होलिका दहन करना उचित नहीं माना गया है. विष्णु पुराण और भविष्य पुराण के अनुसार प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि होने और भद्रा का साया न होने पर ही होलिका पूजन और दहन किया जाना चाहिए.

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 07 मिनट पर होगा. 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से ही भद्रा काल भी आरंभ हो जाएगा. जो 3 मार्च की सुबह लगभग 5 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. भद्रा काल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता. 2 मार्च को रात 12 बजकर 30 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है. जिसकी अवधि 20 मिनट रहेगी. शास्त्रों में उल्लेख है कि विशेष परिस्थिति में जब शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तब भद्रा पूंछ यानी भद्रा के अंतिम चरण में होलिका दहन किया जा सकता है. भद्रा मुख, जिसे सबसे अशुभ माना जाता है, 2 मार्च को मध्य रात्रि 2 बजकर 35 मिनट से 3 मार्च को मध्य रात्रि 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.