नई दिल्ली। मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में जन्म प्रमाणपत्रों को लेकर गंभीर घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि कुल 87,149 जन्म प्रमाणपत्र पुराने और बंद हो चुके एसएपी सिस्टम के जरिए अवैध रूप से जारी किए गए थे। इस मामले में अब तक 6 स्वास्थ्य अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने बताया कि वह जुलाई 2025 से इस घोटाले को उजागर करने में लगे हुए हैं और उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की।
किरीट सोमैया ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से बीएमसी ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल अपनाया था, लेकिन कुछ स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुराने एसएपी सिस्टम के माध्यम से जन्म प्रमाणपत्रों का अवैध रजिस्ट्रेशन और री-रजिस्ट्रेशन किया। साल 2024 में 30,507, 2025 में 48,705 और 2026 में 7,135 प्रमाणपत्र दोबारा दर्ज किए गए। ताजा जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कई वार्डों के मेडिकल ऑफिसर्स ने बिना अनुमति पुराने एसएपी सिस्टम में बदलाव किए, जबकि यह प्रक्रिया केवल सीआरएस पोर्टल पर होनी चाहिए थी। 2024 से 2026 के बीच एसएपी में दर्ज 87,149 एंट्री में से केवल 33,772 आधिकारिक एंट्री सीआरएस पोर्टल पर मौजूद हैं। मेयर ऋतु तावड़े और किरीट सोमैया ने इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला’ बताया और चेतावनी दी कि इन फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल अवैध पहचान देने के लिए किया गया हो सकता है।
