मौसम बदलते ही क्यों बढ़ती है गले में खराश और खांसी? जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

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मौसम में बदलाव के साथ गले में खराश, सूखापन, खांसी और बार-बार छींक आने की समस्या बढ़ने लगती है। खासकर दिन में गर्मी और रात में ठंड होने पर कई लोगों को गले में जलन और परेशानी महसूस होती है। इसके पीछे केवल ठंड ही नहीं, बल्कि वायरल संक्रमण, धूल, प्रदूषण, एलर्जी और शुष्क हवा जैसे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में सही कारण पहचानना और समय पर बचाव करना जरूरी है।

वायरल संक्रमण से हो सकती है खराश
मौसम बदलने पर सर्दी-जुकाम जैसे वायरल संक्रमण होने की आशंका रहती है। इससे गले में दर्द, खराश, नाक बहना, छींक और खांसी हो सकती है। कुछ लोगों को बुखार और थकान भी महसूस होती है।

धूल, प्रदूषण और एलर्जी भी हैं वजह
हवा में मौजूद धूल, धुआं और प्रदूषण के कण गले में जलन पैदा कर सकते हैं। वहीं, परागकण और फफूंद के संपर्क में आने से एलर्जी बढ़ सकती है। इसके कारण बार-बार छींक आना, गले में खुजली और सूखी खांसी की परेशानी हो सकती है।

शुष्क हवा और एसिड रिफ्लक्स का असर
हवा में नमी कम होने से गले में सूखापन और खराश महसूस हो सकती है। इसके अलावा, पेट का अम्ल गले तक पहुंचने पर भी जलन और बार-बार खांसी हो सकती है। यदि सुबह उठने या खाना खाने के बाद परेशानी बढ़ती है, तो एसिड रिफ्लक्स भी इसकी वजह हो सकता है।

गले में खराश और खांसी के प्रमुख लक्षण
मौसम बदलने पर गले की परेशानी के दौरान कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें गले में चुभन, निगलने में दर्द, सूखी या बलगम वाली खांसी, नाक बहना, छींक आना और आवाज में भारीपन शामिल हैं। संक्रमण होने पर बुखार, सिरदर्द और थकान भी हो सकती है।

घरेलू उपायों से पाएं राहत
1. गुनगुने पानी से गरारे करें: नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करने पर गले की खराश में राहत मिल सकती है।

2. पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर पानी पीते रहें। गुनगुना पानी और गर्म पेय गले के सूखेपन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

3. शहद का सेवन करें: एक वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में थोड़ी मात्रा में शहद खांसी से राहत देने में मदद कर सकता है। एक वर्ष से कम उम्र      के बच्चों को शहद न दें।

4. धूल और धुएं से बचें: प्रदूषण वाली जगहों पर उचित मास्क पहनें और घर में साफ-सफाई बनाए रखें। धूम्रपान और दूसरे लोगों के धुएं से         भी दूर रहें।

5. पर्याप्त आराम करें: अच्छी नींद लें और शरीर को आराम दें। इससे संक्रमण के दौरान स्वस्थ होने में मदद मिल सकती है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि गले की खराश कुछ दिनों में कम नहीं होती, लक्षण बढ़ते हैं या खांसी तीन सप्ताह से अधिक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। सांस लेने या निगलने में गंभीर परेशानी, सीने में दर्द, खांसी में खून या तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या खांसी की दवाएं लेना उचित नहीं है।मौसम बदलने पर गले में खराश और खांसी होना आम है, लेकिन इसके कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना, धूल-धुएं से बचना और आराम करना राहत देने में मदद कर सकता है। परेशानी गंभीर होने या लंबे समय तक बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।