रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 लाख से अधिक ई-चालान लंबित होने के बाद यातायात पुलिस और परिवहन विभाग बकाया जुर्माने की वसूली तेज करने की तैयारी में हैं। राजधानी रायपुर में ही लाखों चालान का भुगतान बाकी है। लंबे समय से जुर्माना नहीं चुकाने वाले वाहन मालिकों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए वाहनों से जुड़ी विभिन्न सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लंबित चालान वाले वाहनों की सर्विसिंग, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) और बीमा नवीनीकरण में परेशानी आ सकती है। इस संबंध में ऑटोमोबाइल कारोबारियों, पीयूसी केंद्रों और बीमा कंपनियों को दिशा-निर्देश देने की तैयारी की जा रही है। विभाग का उद्देश्य बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगाना और बकाया जुर्माना वसूलना है।
रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद डिजिटल निगरानी बढ़ी है और रोजाना औसतन पांच हजार वाहनों के ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद केवल करीब 25 प्रतिशत वाहन चालक ही समय पर जुर्माना जमा कर रहे हैं। राजधानी में लगभग 7.43 लाख चालान लंबित बताए गए हैं, जिनमें से 1.31 लाख मामले अदालत भेजे जा चुके हैं। लंबित चालानों में करीब 53 प्रतिशत दो साल से अधिक पुराने हैं।
लंबित चालानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्यों में वसूली की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, भारी जुर्माने से राहत पाने के इच्छुक वाहन चालक राष्ट्रीय लोक अदालत में अपना पक्ष रखकर नियमानुसार समझौते और छूट का विकल्प तलाश सकते हैं। यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
