रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के रायपुर दौरे के बीच प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए स्मृति ईरानी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने तंज कसते हुए पूछा कि भाजपा में कार्यकर्ताओं के सम्मान का क्या हुआ। वीडियो को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं को ही उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है।
कांग्रेस के मुताबिक, स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने एक कार्यकर्ता से चश्मा उतारने को कहा। वहीं, रायपुर जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर द्वारा पदाधिकारियों का परिचय कराने की कोशिश पर उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह खुद सभी से बातचीत कर लेंगी। इन घटनाओं को आधार बनाकर कांग्रेस ने भाजपा संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा का नेतृत्व अपने ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करने से बच रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के आने को लेकर प्रतिबंध जैसी स्थिति बनाई जा रही है। बैज ने इसे संगठन के भीतर असंतोष और गुटबाजी से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता सरकार के कामकाज से नाराज हैं। ये सभी आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
बैज ने महंगाई के मुद्दे पर भी स्मृति ईरानी को घेरा। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी पहले महंगाई के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और सस्ते दामों पर शक्कर उपलब्ध कराने जैसे वादे भी कर चुकी हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने गैस सिलेंडर, खाद्य तेल, शक्कर, राशन, कपड़े और दवाइयों की कीमतों का उल्लेख करते हुए भाजपा से जवाब मांगा। उन्होंने 500 रुपये में गैस सिलेंडर, 35 रुपये में पेट्रोल-डीजल और महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने से जुड़े वादों को पूरा करने की मांग की।
कांग्रेस ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। बैज ने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, अपहरण, हत्या और नशे से जुड़ी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। भाजपा या स्मृति ईरानी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, यह उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
