छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: शिक्षकों के लिए ऑनलाइन लीव अप्लाई करना हुआ जरूरी

Follow Us

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों के अवकाश आवेदन प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है। अब राज्य में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए छुट्टी के लिए ऑफलाइन आवेदन देना अमान्य होगा। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत अवकाश आवेदन से लेकर उसकी स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से ही पूरी करनी होगी। विभाग ने साफ किया है कि सभी कर्मचारियों को निर्धारित ऑनलाइन व्यवस्था का ही कड़ाई से पालन करना पड़ेगा।

लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इन नए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को अब किसी भी प्रकार के अवकाश के लिए एचआरएमआईएस पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा। ऑनलाइन व्यवस्था अपनाने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और आवेदन पर त्वरित निर्णय लेना संभव होगा।

सोनिया गांधी की ‘X’ पर एंट्री: साझा किया राजीव गांधी से पहली मुलाकात का भावुक पल

ऑफलाइन आवेदनों पर पूर्ण रोक:
संचालनालय के ध्यान में यह बात आई थी कि ऑनलाइन आवेदन की प्रणाली लागू रहने के बावजूद कुछ स्थानों पर अब भी ऑफलाइन माध्यम से छुट्टी के आवेदन लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन कागजी आवेदनों पर अधिकारी कार्रवाई भी कर रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए संचालनालय ने स्पष्ट कर दिया है कि ऑफलाइन आवेदन के आधार पर अब छुट्टी की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

विभाग के इस निर्णय के बाद ऑफलाइन आवेदन देकर अवकाश स्वीकृत कराने की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बंद हो गई है। यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी अब कागजी रूप में आवेदन देता है, तो विभाग उस पर विचार नहीं करेगा। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और सभी कर्मचारियों को एक समान डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है।

ग्लोबल ड्रग नेटवर्क पर ईडी का शिकंजा: टेरर फंडिंग के लिए भेजे ₹76 करोड़, तीन देश शामिल

पोर्टल के जरिये ऑनलाइन स्वीकृति:
एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से न केवल छुट्टी के लिए आवेदन जमा होंगे, बल्कि अवकाश की स्वीकृति देने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन माध्यम से ही संचालित की जाएगी। संबंधित अधिकारी पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का परीक्षण करेंगे और ऑनलाइन प्रणाली के तहत ही अपनी स्वीकृति अथवा अस्वीकृति दर्ज करेंगे। इस व्यवस्था से अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और कर्मचारियों को अपने आवेदनों की स्थिति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे डिजिटल व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराएं और बिना ऑनलाइन प्रविष्टि के किसी भी अवकाश को मंजूरी न दें।

अमेठी-रायबरेली की 10 सीटों पर कांग्रेस का दावा: सपा नहीं देगी अपनी जीती हुई सीटें

डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शी कामकाज:
स्कूल शिक्षा विभाग अपने प्रशासनिक कामकाज में आधुनिक तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ा रहा है। विभाग शिक्षकों और कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए पहले ही ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर चुका है। वर्तमान में वीएसके एप के जरिये शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। उपस्थिति के बाद अब छुट्टी आवेदन और उसकी स्वीकृति को भी ऑनलाइन करने से कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। पोर्टल पर आंकड़े उपलब्ध रहने से किसी भी कर्मचारी की उपस्थिति और अवकाश का विवरण एक ही स्थान पर पारदर्शी तरीके से देखा जा सकेगा।