हार्दिक पांड्या पर पूर्व कप्तान की राय, विकल्प ढूंढने के बजाय गेंदबाजी आक्रमण मजबूत करे टीम इंडिया

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नई दिल्ली। पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि हार्दिक पांड्या की जगह लेना आसान नहीं है ऐसे में भारत को उनके विकल्प तलाशने की कोशिश करने की जगह टीम को ऐसे खिलाड़ियों पर ध्यान देना चाहिए जो अलग-अलग भूमिकाएं निभा सके। उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। गावस्कर ने कहा कि भारत को चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मैच में उतरना चाहिए, जबकि ऐसे ऑलराउंडर खिलाड़ियों को पांचवें और छठे गेंदबाज की भूमिका निभानी चाहिए जो बल्लेबाजी में भी योगदान दे सके। बल्लेबाजी क्रम को लंबा करने के लिए गेंदबाजी की मजबूती से समझौता नहीं करना चाहिए।

गावस्कर बोले- हार्दिक की जगह कोई नहीं ले सकता:
वेस्टइंडीज के खिलाफ शनिवार रात बंगलूरू में पांचवां और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद गावस्कर ने कहा, हम कभी-कभी हार्दिक पांड्या का विकल्प तलाशने में कुछ ज्यादा ही जुट जाते हैं। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। अगर आपको उनकी क्षमता का खिलाड़ी नहीं मिलता है, तो ऐसे खिलाड़ी के साथ आगे बढ़िए, जो टीम के लिए थोड़ी अलग भूमिका निभा सके।

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नमन धीर का दिया उदाहरण:
गावस्कर ने नमन धीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देकर अलग भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, नमन धीर यही काम कर रहे हैं। वह अपने ओवर अच्छी तरह कर रहे हैं और इस मैच में उनकी बल्लेबाजी भी देखिए। इस सीरीज से यह सीख मिलती है कि गेंदबाजी में भारत को कम से कम चार नियमित गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिए। पांचवां और छठा विकल्प ऑलराउंडर हो सकते हैं, जो बल्लेबाजी भी कर सकें। नमन धीर बल्लेबाज हैं, लेकिन वह दो-तीन ओवर गेंदबाजी भी कर सकते हैं। अक्षर पटेल ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अपने चार ओवर पूरे कर सकते हैं।

गावस्कर ने आगाह किया कि बल्लेबाजी क्रम को आठवें नंबर तक बढ़ाने की कोशिश में भारतीय टीम की गेंदबाजी कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा, जब आप आठवें नंबर तक बल्लेबाजी लेकर उतरते हैं, तो अपनी गेंदबाजी को कमजोर कर देते हैं और इसी वजह से आपको हार का सामना करना पड़ता है। हमें गेंदबाजी देखने का मौका ही नहीं मिला। यह देखना दिलचस्प होता कि नौ ओवर के इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाज किस तरह प्रदर्शन करते।

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स्पिन गेंदबाजों का समर्थन करने कहा:
गावस्कर ने भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी विकल्पों की पहचान करने और उन्हें लगातार समर्थन देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भले ही इन गेंदबाजों को नियमित रूप से प्लेइंग-11 में जगह न मिले, लेकिन टीम के व्यापक ढांचे में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने कहा, वे नियमित रूप से प्लेइंग-11 का हिस्सा हों या नहीं, लेकिन टीम के बड़े समूह में शामिल हैं। खासकर स्पिनरों तक यह संदेश पहुंचाना जरूरी है, क्योंकि छोटे प्रारूप में उनका आत्मविश्वास जल्दी डगमगा सकता है।