शीतला माता मंदिर के पास दर्दनाक हादसा, ढलान पर ट्रक बेकाबू होने से 14 लोगों की मौत

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ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। नवरात्र की सप्तमी पर माता के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को धान से भरे ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। प्रशासन की ओर से पहले 29 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि 40 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक ढलान की ओर से बेहद तेज रफ्तार में नीचे आया और रास्ते में तबाही मचाता चला गया। स्थानीय लोगों ने ब्रेक फेल होने की आशंका भी जताई है, हालांकि पुलिस ने अभी हादसे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घायलों के इलाज, मृतकों के परिवारों को मुआवजा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

ढलान से तेज रफ्तार में आया ट्रक, दुकानों और वाहनों को पहुंचा नुकसान:
हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास हुआ। नवरात्र के कारण मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। इसी दौरान धान से भरा ट्रक अनियंत्रित हो गया और श्रद्धालुओं को टक्कर मारते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार से जा टकराया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक ढलान की ओर से बेहद तेज रफ्तार में नीचे आया था। कुछ लोगों ने उसकी रफ्तार 150 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा होने का दावा किया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि ट्रक के ब्रेक फेल होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे में कई दुकानों और वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा।

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दुकानदार ने सुनाई आपबीती, पिता और रिश्तेदार घायल:
हादसे में प्रभावित एक दुकानदार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि ट्रक ढलान की तरफ से तेज रफ्तार में नीचे आया और देखते ही देखते सब कुछ तबाह हो गया। दुकानदार के मुताबिक, हादसे के समय उसकी दुकान में उसके पिता, दो रिश्तेदार और एक अन्य व्यक्ति बैठे हुए थे। ट्रक की चपेट में आने से ये चारों लोग घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है।

दुकानदार ने बताया कि ट्रक की टक्कर से उसकी दुकान पूरी तरह नष्ट हो गई। इसके साथ ही आसपास की दो से तीन अन्य दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग घायलों को बचाने तथा अपने परिजनों को तलाशने में जुट गए।
हादसे के बाद प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एक स्थानीय व्यक्ति के मुताबिक, ट्रक की चपेट में कई श्रद्धालु आ गए थे। घटनास्थल पर लोग बदहवास होकर अपने परिजनों को तलाश रहे थे। लोगों का कहना है कि नवरात्र के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और सतर्कता बरतने की जरूरत थी। एक स्थानीय व्यक्ति ने मंदिर की धार्मिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिस स्थान पर नारियल तक नहीं फोड़ा जाता और नींबू नहीं काटा जाता, वहां इस तरह का दर्दनाक हादसा होना प्रशासन की बड़ी चूक है। हालांकि, प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लगाए गए इन आरोपों की जांच होनी बाकी है।

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कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, ब्रेक फेल होने की भी होगी पड़ताल:
हादसे के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए आरटीओ की टीम को भी लगाया गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ट्रक अनियंत्रित कैसे हुआ, उसके ब्रेक में कोई खराबी थी या नहीं और भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड तोड़कर ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा। फिलहाल ब्रेक फेल होने और ट्रक की रफ्तार को लेकर स्थानीय लोगों के दावे सामने आए हैं, लेकिन हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

पीड़ित परिवारों ने की मुआवजे और कार्रवाई की मांग:
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों में मातम पसरा है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने सरकार से घायलों के मुफ्त इलाज, मृतकों के परिजनों को मुआवजा और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से घटनास्थल का दौरा करने और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने का आग्रह भी किया है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनका कहना है कि हादसे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया मुआवजे का एलान:
ग्वालियर हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे में श्रद्धालुओं की मौत को हृदयविदारक बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का निशुल्क उपचार कराने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। हादसे से प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर के रहने वाले बताए गए हैं।

हादसे में 14 लोगों की मौत, 11 मृतकों की पहचान:
शीतला माता मंदिर के पास हुए इस हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है। अब तक 11 मृतकों की पहचान होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों में महिलाएं, बच्चे, किशोर और बुजुर्ग शामिल हैं। दुर्घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया तथा घायलों को अस्पतालों में पहुंचाया गया।