- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल
- सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा जागरूकता का संदेश
- मुख्यमंत्री ने कहा – साइबर जागृति अभियान का समापन नहीं, यह एक शुरुआत है; निरंतर जारी रहेगा अभियान
- साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई से एफआईआर में कमी और ठगी की राशि की रिकवरी दर में वृद्धि : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
- साइबर जागरूकता के लिए अभिनव पहल करने वाले जिलों और ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं का हुआ सम्मान
रायपुर । डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं और इनसे सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। हमें साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा, तभी हम साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
डिजिटल क्रांति ने जीवन आसान बनाया, अब साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया की परिकल्पना प्रस्तुत की थी, उस समय इतने विशाल देश और बड़ी ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की जाती थीं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गांव का सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहा है और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार ने जहां नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी रूप से जानकार व्यक्ति भी इनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तौर-तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
सात सप्ताह के अभियान से 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए सात सप्ताह के विशेष साइबर जागृति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने साइबर सुरक्षा के संदेश को शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों को केंद्र में रखकर अभिनव गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर नागरिकों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा विषय बन चुका है।
अभियान का समापन नहीं, यह एक नई शुरुआत है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सात सप्ताह का यह अभियान समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन साइबर जागरूकता की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। विशेष रूप से युवाओं को साइबर जागरूकता के संवाहक के रूप में आगे आकर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।
रायपुर की यातायात व्यवस्था सुधारने युवाओं के अभिनव सुझावों पर होगा गंभीरता से विचार
मुख्यमंत्री साय ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की सराहना करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी का बेहतर समन्वय आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक हैकाथॉन के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं ने राजधानी की यातायात समस्याओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी तथा जो समाधान उपयोगी और व्यवहारिक होंगे, उन्हें लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
दूरस्थ क्षेत्रों को परिवहन से जोड़ रही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा विकास की बुनियादी आवश्यकता है। सार्वजनिक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा प्रारंभ की गई है। विशेष रूप से वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण पहले बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाभ-हानि से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी है और इन मार्गों पर बस संचालन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा के दौरान उन्होंने स्वयं देखा है कि यह सेवा किस तरह लोगों के जीवन में सुविधा और खुशियां लेकर आई है।
डिजिटल लेनदेन में भारत की अग्रणी भूमिका, सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज दुनिया में होने वाले डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत भारत में हो रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की बड़ी उपलब्धि है। डिजिटल लेनदेन ने लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों से सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के माध्यम से अभिनव पहल की है। अभियान के दौरान पुलिस ने धार्मिक आयोजनों, चौक-चौराहों, ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायतों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों तक पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।
श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई भी कर रही है। साइबर ठगी में उपयोग होने वाले म्यूल खाते खोलने में संलिप्त बैंककर्मियों से लेकर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों तक कार्रवाई की गई है। इन प्रयासों से साइबर अपराधों से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी गई राशि की रिकवरी की दर में भी वृद्धि हुई है।

