रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत सभी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने सर्वे की प्रगति, भूमि अभिलेखों की स्थिति और फसलों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन खेतों में फसल बोई गई है, उनकी वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जाए। संबंधित खसरों का सत्यापन कर फसल की मौजूदगी की पुष्टि की जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर जानकारी दर्ज की जाए, ताकि फसलों का सटीक विवरण उपलब्ध हो सके।
मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की गुणवत्ता जांचने के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में मैदानी सत्यापन कराने को कहा। टीम यह जांच करेगी कि कितने खसरों का सत्यापन हुआ, कितने रिकॉर्ड सही मिले और कहां त्रुटियां पाई गईं। गलत रिकॉर्ड में सुधार के साथ सर्वे की आंतरिक जांच भी की जाएगी। उन्होंने डिजिटल सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड के साथ मिलान करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न अभिलेखों में मौजूद विसंगतियों को दूर किया जा सके।
बैठक में नक्शों की अनुपलब्धता और तकनीकी समस्याओं के कारण सर्वे का काम प्रभावित नहीं होने देने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग को नक्शों की त्रुटियां दूर करने और जरूरत के अनुसार उन्हें अपडेट करने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने को कहा। जिन मामलों में भौतिक सत्यापन और पॉलीगॉन की जांच जरूरी है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कलेक्टरों के साथ बैठक कर सर्वे की प्रगति की समीक्षा करने और कमियों को समयसीमा में दूर करने को कहा गया। बैठक में ऊर्जा, खाद्य, कृषि, राजस्व और भू-अभिलेख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
