रायपुर। बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं द्वारा संचालित ‘पण्डुम कैफे’ पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की पहचान बन रहा है। जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी सहित केंद्र और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को कैफे का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कैफे का संचालन कर रहे युवाओं से बातचीत की और उनकी पहल को आजीविका बढ़ाने तथा सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भ्रमण के दौरान बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कैफे की शुरुआत, संचालन और इससे जुड़े परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल हिंसा से प्रभावित रहे और मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर देने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कैफे की व्यवस्थाओं, स्थानीय व्यंजनों, प्राकृतिक रंगों से सजाए गए परिसर और वहां मिलने वाले आत्मीय आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने इसे स्थानीय संस्कृति और परिवेश से जुड़ा एक जीवंत केंद्र बताया। अधिकारियों ने कैफे का संचालन कर रहे युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
