- कर्ज माफी, कुर्क जमीन वापसी और ट्रांसफार्मर हटाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री ने नाम सौंपा ज्ञापन
रायपुर। ( तुमेश साहू ) दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 33 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। किसान बंधु संगठन के नेतृत्व में किसानों ने गुरुवार को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तीन प्रमुख मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की है। दुर्ग क्षेत्र से पहुंचे सैकड़ो की संख्या में किसान कबीर चौक पर दोपहर धरने पर बैठ गए। मौके पर पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर सभी किसानों को रोक दिया। जिसके बाद किसान नारे लगाते हुए घंटों तक डटे रहे।
किसानों ने तहसीलदार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। किसान नेता बाबा टेक सिंग चंदेल ने बताया कि धमधा ब्लॉक के सैकड़ों किसान बैंक कर्ज के बोझ से दबे हैं। कई किसानों के खाते एनपीए हो चुके हैं। पूर्व में भी प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था। जिसमें 3-4 दिन में निराकरण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
जिसके बाद से किसान धमधा में क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। किसान बंधु संगठन के नेताओं ने बताया कि ये तीनों मांगे किसानों, ग्रामीणों और विद्यार्थियों के जीवन और भविष्य से जुड़ी हैं, इसलिए शासन शीघ्र निर्णय ले। ज्ञापन के साथ एनपीए किसानों की सूची और ट्रांसफार्मर संबंधी दस्तावेज भी सौंपे गए हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें –
1. कर्ज माफी, OTS और कुर्क जमीन वापसी –
2. ग्राम परसबोड़ में घरों के सामने लगे ट्रांसफार्मर हटाने की मांग –
3. ग्राम खैरझिटी के शासकीय स्कूल में स्थायी शिक्षक की व्यवस्था –
सुरक्षा बल ने बैरिकेड लगाकर किसानों को रोका
मौके पर भारी पुलिस बल के माध्यम से किसानों को रोका गया था। वही प्रदर्शन स्थल पर कैनन टैंकर वज्र को भी उतर गया था।
कबीर चौक और सीएम हाउस से पहले ही दो लेयर में बैरिकेट लगाए गए थे। साथ ही प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए तीन से चार बसों की भी तैनाती की गई थी। ताकि स्थिति बिगड़ने पर सभी प्रदर्शनकारियों को बसों में बिठाकर कहीं और ले जा सके। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पर्याप्त बल तैनात किए गए थे।
किसानों ने स्कूल में स्थायी शिक्षक नियुक्त की मांग की
किसान नेता बाबा टेक सिंग चंदेल
ने बताया कि ग्राम खैरझिटी के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी है। वैकल्पिक व्यवस्था में लगाए गए अतिरिक्त शिक्षक को भी हटा दिया गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने स्कूल में स्थायी शिक्षक नियुक्त करने की मांग की है।
ट्रांसफार्मर हटाने के लिए मांगे जा रहे हैं 2 लाख
किसान ओमप्रकाश पटले
ने बताया कि ग्राम याम परसबोड़ में गरीब किसानों के घरों के ठीक सामने ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। किसानों ने इसे सुरक्षित स्थान पर हटाने की मांग की है। विभाग द्वारा इसके लिए 2 लाख 76 हजार रुपये का डिमांड नोट जारी किया गया है, जिसे भरने में गरीब किसान असमर्थ हैं। मांग है कि बिना किसी शुल्क के ट्रांसफार्मर हटाए जाएं।
बैंक ऋण में माफी और ओटीएस और निपटारा योजना का लाभ देकर खातों का निपटारा हो
किसान हर्ष कुमार साहू ने बताया कि शासन स्तर पर पहल कर पात्र किसानों के बैंक ऋण में पूर्ण माफी या ब्याज में छूट देते हुए मूलधन में अधिकतम राहत दी जाए। साथ ही ओटीएस और समझौता निपटारा योजना का लाभ देकर खातों का निपटारा किया जाए। जिन किसानों की कृषि भूमि बैंक द्वारा कुर्क या नीलाम कर दी गई है, उनकी विशेष समीक्षा कर जमीन वापस दिलाई जाए। किसानों ने कहा – जमीन ही उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा है, जमीन जाने से परिवारों पर आर्थिक संकट आ गया है।

