लखनऊ। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन में एक बड़ा और रणनीतिक फेरबदल किया है। कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, पार्टी हाईकमान ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को उनके पद से मुक्त करते हुए उनके योगदान की सराहना की है, और उनकी जगह प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से विधायक व वरिष्ठ नेत्री आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
सोशल इंजीनियरिंग को साधने की पुरजोर कोशिश
कांग्रेस के इस कदम को बेहद सोची-समझी राजनीतिक रणनीति माना जा रहा है। पार्टी इसके जरिए एक साथ महिला और ब्राह्मण मतदाताओं (सोशल इंजीनियरिंग) को साधने की पुरजोर कोशिश कर रही है। आराधना मिश्रा कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की पुत्री हैं और विधानसभा में पार्टी की एक बेहद मुखर और मजबूत आवाज मानी जाती रही हैं।
संगठन में कई अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी,
कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा प्रदेश संगठन को और अधिक धार देने के लिए अन्य कई अहम पदों पर भी तत्काल प्रभाव से नियुक्तियां की गई हैं।
कार्यकारी अध्यक्ष : वरिष्ठ नेता इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष : संगठन को मजबूती देने के लिए देवेंद्र निषाद और श्री आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता: इसके साथ ही, पार्टी ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नया नेता नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
नए राजनीतिक समीकरणों के आसार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और आगामी 2027 के चुनावी रण को देखते हुए कांग्रेस ने यह बड़ा जमीनी फेरबदल किया है। इन तमाम नियुक्तियों के बाद अब राज्य में नए राजनीतिक समीकरण उभरने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भरने के पूरे आसार हैं।

