नयी दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह और जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर सोमवार को संपर्क समूह के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को यहां भारत मंडपम में हुई बैठक में चार प्रमुख क्षेत्रों-सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना, वनीकरण एवं वन अग्नि प्रबंधन तथा आपदा निवारण, चक्रीय अर्थव्यवस्था और जलवायु अनुकूलन में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
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कुमार ने कहा कि पिछले दो दशकों में ब्रिक्स आर्थिक संवाद के मंच से आगे बढ़कर प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान और वैश्विक तापमान वृद्धि जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने का प्रभावशाली मंच बन गया है जिसमें सतत विकास, जलवायु अनुकूलन, संसाधन दक्षता, चक्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय शासन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानवता को प्राथमिकता देने वाले जन-केंद्रित वैश्विक सहयोग के दृष्टिकोण से प्रेरित है।
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इस वर्ष की थीम ‘सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण’ इसी भावना को दर्शाती है।
बैठक में बताया गया कि भारत की अध्यक्षता शुरू होने के बाद सदस्य देशों के बीच 21 वर्चुअल विषयगत एवं वार्ता बैठकें, 10 द्विपक्षीय परामर्श, दो विषयगत संवाद और दो तकनीकी वेबिनार आयोजित किए जा चुके हैं।
ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भारत के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पारस्परिक सम्मान, विश्वास और आम सहमति पर आधारित वातावरण में प्राथमिकता वाले मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की 12वीं बैठक मंगलवार को नयी दिल्ली में होगी।
