मुख्यमंत्री ने कहा- राम मंदिर ट्रस्ट में सरकार का हस्तक्षेप नहीं, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है और मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को अब तक किसी भी साधु-संत की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि चढ़ावा चोरी की जानकारी मिलते ही सरकार ने तत्काल एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कराई। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष है और न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि मंदिर परिसर में 1100 से अधिक लोग विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में कुछ व्यक्तियों की भूमिका सामने आने पर पूरे मंदिर प्रशासन, साधु-संतों और कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना है।उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का रवैया हमेशा से राम मंदिर और सनातन परंपरा के प्रति विरोध का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रदेश और सनातन परंपरा की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश, रोजगार और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष राज्य की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
