लखनऊ/वाराणसी। सावन के पहले सोमवार पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में आधी रात से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंदिर प्रशासन ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। श्री काशी विश्वनाथ धाम को विशेष रूप से सजाया गया और बाबा विश्वनाथ का आकर्षक ‘श्री शंकर स्वरूप’ श्रृंगार किया गया। इस दौरान मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, नायब तहसीलदार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सावन के पहले सोमवार को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं। वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, बागपत, कानपुर, आगरा और संभल सहित कई जिलों में ड्रोन कैमरे, जियो फेंसिंग, सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर, मेरठ के औघड़नाथ और बिल्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर, बागपत के पुरा महादेव, गोरखपुर के प्रमुख शिवालयों और संभल के पातालेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई मंदिरों में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
प्रयागराज से बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त गंगा और यमुना का पवित्र जल लेकर काशी के लिए रवाना हुईं। उनकी सुरक्षा के लिए घाटों और प्रमुख मार्गों पर महिला पुलिसकर्मियों और ‘आपदा सखियों’ की विशेष तैनाती की गई है। वाराणसी में शहर को पांच जोन और 15 सेक्टरों में बांटकर करीब 5,000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। एंटी-ड्रोन सिस्टम, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सावन के पहले सोमवार पर पूरे उत्तर प्रदेश में शिवभक्ति, आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
