शाह महमूद कुरैशी को एक और राहत, क्या इमरान खान के खिलाफ तैयार किया जा रहा है नया मोहरा?

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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को एक और मामले में अदालत से राहत मिल गई है. इससे पहले 22 जुलाई 2025 को भी उन्हें एक केस में बरी किया गया था और अब मई 9 हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में भी उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया है.

लगातार मिल रही इस राहत ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं. खासतौर पर तब, जब कुछ दिन पहले सरकार के लोग उनसे मिलने गए थे.

मई 9 हिंसा केस में बड़ा फैसला

लाहौर की एंटी-टेररिज़्म कोर्ट ने 9 मई से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने डॉ. यास्मीन राशिद, मियां महमूद-उल-रशीद, इजाज चौधरी और उमर सरफराज चीमा को 10-10 साल की सजा सुनाई है. वहीं, इसी मामले में शाह महमूद कुरैशी को बरी कर दिया गया. यह केस सरकारी अधिकारियों के आवास (GOR) के गेट पर तोड़फोड़ से जुड़ा था. फैसला एंटी-टेररिज़्म कोर्ट के जज मंजर अली गुल ने सुनाया.

लगातार बरी होना, संयोग या रणनीति?

इस केस में कुल 33 आरोपी थे और 41 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. अदालत ने 13 आरोपियों को बरी, जबकि 8 को सजा सुनाई. दिलचस्प बात यह है कि जुलाई 2025 में आए एक अन्य मई 9 केस के फैसले में भी कुरैशी को बरी किया गया था, जबकि बाकी PTI नेताओं को लंबी सजा मिली थी. यही वजह है कि अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या शाह महमूद कुरैशी को जानबूझकर अलग रखा जा रहा है?