बच्चे को खा गया मगरमच्छ: पहले से अनाथ था सुनील, भतीजे के लिए सात मिनट लड़े चाचा विजय

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बौंडी थाना क्षेत्र के मुरौवा गांव में घाघरा (सरयू) नदी के किनारे एक 12 वर्षीय मासूम सुनील को मगरमच्छ ने जिंदा निगल लिया। इस खौफनाक मंजर का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है और ग्रामीणों में भारी दहशत है।

पहले ही उठ चुका था माता-पिता का साया
इस हादसे ने एक ऐसे परिवार को उजाड़ दिया है जो पहले से ही दुखों का पहाड़ झेल रहा था। 12 वर्षीय सुनील सिंह पहले से ही अनाथ था। ग्रामीणों ने बताया कि सात वर्ष पहले उसकी मां और पांच वर्ष पहले उसके पिता का बीमारी के कारण निधन हो गया था। सुनील के सिर से माता-पिता का साया उठने के बाद उसके चाचा विजय राज सिंह ही इन अनाथ बच्चों का एकमात्र सहारा थे। अब परिवार में सुनील की 14 वर्षीय बहन सुमन, 10 वर्षीय भाई संजय और 7 वर्षीय बहन सीमा ही बचे हैं। इस अत्यंत गरीब परिवार के पास अब आजीविका का कोई साधन नहीं बचा है, जिसके चलते ग्रामीण अब चंदा इकट्ठा कर बच्चों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

भतीजे की जिंदगी के लिए 7 मिनट तक लड़े चाचा विजय
सुनील के चाचा विजय राज सिंह ने रुआंसे गले से बताया कि गुरुवार को वे सुनील के साथ खेत में धान की रोपाई करने गए थे। शाम को काम खत्म करने के बाद सुनील हाथ-मुंह धोने के लिए नदी किनारे गया, तभी झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।

मैं अपने भतीजे की चीख सुनकर तुरंत नदी में कूद गया। मैंने सुनील का हाथ पकड़ लिया और उसे खींचने लगा। करीब सात मिनट तक मैं मौत के उस जबड़े से अपने बच्चे को छुड़ाने के लिए लड़ता रहा, लेकिन मगरमच्छ की ताकत के आगे मैं हार गया। वह उसे गहरे पानी में खींच ले गया। – विजय राज सिंह, सुनील के चाचा

तीन बार पानी में पटका और निगल गया आधा शरीर
ग्रामीणों और चाचा ने ईंट-पत्थर फेंककर भी मगरमच्छ को डराने की कोशिश की, लेकिन उसने सुनील को नहीं छोड़ा। उसने बच्चे को पानी में दो-तीन बार पटका और देखते ही देखते आधे शरीर को निगल गया। देर रात करीब 10:30 बजे ग्रामीणों ने नदी से सुनील का शव बरामद किया, जिसका पेट और एक पैर मगरमच्छ पूरी तरह खा चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इलाके में दहशत, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
इस रूह कंपा देने वाली घटना के बाद तिंकुरी और आसपास के तटीय गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। किसान अब नदी के किनारे स्थित अपने खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।

नदी के किनारे से दूर रहने की अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद शाकिब ने बताया कि सरयू नदी के किनारे बसे सभी गांवों में मुनादी (ढिंढोरा) पिटवाकर लोगों को नदी से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी जा रही है। इसके साथ ही नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने, अतिरिक्त गश्त बढ़ाने और आदमखोर मगरमच्छ को पकड़ने के लिए जाल लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।