नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सिविल जजों की तैनाती की अनुमति दी है, ताकि करीब 80 लाख लोगों के दावे और आपत्तियां निपटाई जा सकें। साथ ही झारखंड और ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से न्यायिक अधिकारियों की मदद लेने की भी इजाजत दी गई। कोर्ट ने चुनाव आयोग को इन अधिकारियों के खर्च वहन करने को कहा और 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी, साथ ही पूरक सूची जारी करने की छूट भी दी।
कलकत्ता हाईकोर्ट की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान: 80 दिन तक चल सकती है सुनवाई
