लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पीजीटी, टीईटी और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को गुमराह करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धन उगाही की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भौगोलिकसंदर्भ
मंगलवार को डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट, उत्तर कुंजी, कटऑफ और प्राप्तांक के नाम पर आयोग कार्यालय जाकर प्रार्थना पत्र देने के लिए उकसा रहे हैं। इतना ही नहीं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं और अभ्यर्थियों से धन की मांग भी की जा रही है।
अप्रमाणित सूचना पर विश्वास न करें
आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पीजीटी परीक्षा का परिणाम पहले ही घोषित किया जा चुका है। सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक तथा चयनित अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और अंतिम प्राप्तांक आयोग की वेबसाइट पर अलग-अलग प्रदर्शित किए जा चुके हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अफवाह या अप्रमाणित सूचना पर विश्वास करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक विज्ञप्तियों को ही प्रमाणिक मानें। किसी भी दलाल या बिचौलिए के बहकावे में न आएं और न ही आयोग कार्यालय के अनावश्यक चक्कर लगाएं।
भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
डॉ. प्रशांत कुमार ने चेतावनी दी कि झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने, अभ्यर्थियों को भ्रमित करने तथा अवैध धन वसूली का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने कहा है कि परीक्षाओं और भर्ती से जुड़ी सभी प्रमाणिक सूचनाएं केवल www.upessc.gov.in पर उपलब्ध हैं और अभ्यर्थी किसी भी अपडेट के लिए इसी आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
