कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने श्रावण महीने में तारकेश्वर जाने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष सुविधाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि मौसम अनुकूल रहने पर श्रावण के प्रत्येक सोमवार को कांवड़ लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं पर सरकारी हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके साथ ही तारकेश्वर मंदिर और आसपास के धार्मिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुगली जिले के तारकेश्वर मंदिर पहुंचते हैं। इसे देखते हुए शेओड़ाफुली से तारकेश्वर तक के मार्ग पर हर पांच किलोमीटर पर सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि वह स्वयं इस वर्ष श्रावणी मेले के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। राज्य सरकार तारकेश्वर तीर्थ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों के विकास के लिए ‘तीर्थ क्षेत्र सर्किट’ योजना की भी घोषणा की। इसके तहत राज्य सरकार अगले दो वर्षों में विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विकास और संरक्षण पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुर्शिदाबाद स्थित कीरीटेश्वरी मंदिर समेत कई प्राचीन मंदिरों को विरासत संरक्षण योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने 60 रथयात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह राशि पुराने रथों के रखरखाव और मरम्मत में उपयोगी साबित होगी। तारकेश्वर के अलावा जलपाईगुड़ी स्थित जालपेश मंदिर और भूटान सीमा के निकट जयंती क्षेत्र के मंदिरों में भी श्रावण महीने के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पुलिस सहायता शिविर, चिकित्सा शिविर और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार ने कहा है कि श्रद्धालुओं को ओआरएस, चिकित्सा सहायता और विश्राम की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

