- राजधानी के सबसे पुराने स्कूल में स्टाफ की कमी से सैकड़ों बच्चे का भविष्य अधर में
- सरकार एक तरफ ‘शाला प्रवेश उत्सव’ मना रही, दूसरी तरफ बच्चे सड़क पर
रायपुर। (तुमेश साहू) सरकार एक तरफ पूरे प्रदेश में स्कूल खुलने के बाद प्रवेश उत्सव मना रही है। वहीं दूसरी ओर स्कूलों में शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों को टीसी दी जा रही है। राजधानी रायपुर के माधवराव सप्रे स्कूल में शिक्षक की कमी होने के कारण 12वीं कक्षा में आर्ट्स और कॉमर्स के बच्चों को एडमिशन देने के बजाय टीसी लेकर अन्य स्कूलों में एडमिशन लेने की सलाह दी रही है। जिसका विरोध बच्चों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर किया। राजधानी के सबसे पुराने स्कूल में माधवराव सप्रे स्कूल का नाम शामिल है। ऐसे में शिक्षकों की कमी के कारण एडमिशन नहीं देना बच्चों की भविष्य को अंधकार में धकेलने जैसा है। स्कूल छात्रों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने 12वीं आर्ट्स और कॉमर्स में नए दाखिले रोक दिए हैं। कारण बताया गया है कि विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। प्रिंसिपल ऑफिस से बच्चों को मौखिक रूप से कहा गया कि टीसी ले जाओ, दूसरे स्कूल में ट्राई करो. हमारे पास शिक्षक नहीं है। छात्रों ने आगे बताया कि 12वीं का साल सबसे अहम होता है। 11वीं इसी स्कूल में की. अब 12वीं में TC दे रहे हैं. एडमिशन का सीजन खत्म हो गया. अब हम कहां जाएंगे? सरकार कहती है बेटी पढ़ाओ, पर स्कूल ही पढ़ाने से मना कर रहा है। अब सवाल यह है कि सरकार प्रदेश की स्कूलों में पर्याप्त मात्रा में शिक्षक होने का दावा करती है। तो जमीनी हकीकत कुछ और है। शिक्षकों की कमी से बच्चों को टीसी देने की बात करना प्रदेश के बच्चों की भविष्य से खिलवाड़ है. अब देखना है कि कलेक्टर के आश्वासन के बाद प्रशासन क्या कदम उठाती है।
प्रिंसिपल मैडम ने आर्ट्स और कॉमर्स के विद्यार्थियों को टीसी ले जाने को कहा
माधवराव सप्रे स्कूल की छात्रा कोमल वंदानी ने बताया कि सोमवार को शाला प्रवेश उत्सव में हम सब गए हुए थे। तभी प्रिंसिपल मैडम ने बोली की 11वीं और 12वीं क्लास से हम आर्ट्स और कॉमर्स की सब्जेक्ट को हटा रहे हैं। जितने भी बच्चे हैं सभी अपने-अपने टीसी ले जाए। और दूसरे स्कूलों में एडमिशन ले लीजिए। अब हम कहां जाएं । नहीं पढ़ाना था तो पिछले साल ही बोल देना था। कल ही हमें इस बात की जानकारी हुई है।
स्कूल प्रबंधक पर कार्रवाई होनी चाहिए।
माधवराव सप्रे स्कूल के छात्र कुणाल यादव ने बताया कि हम सभी 12वीं कक्षा के विद्यार्थी है। स्कूल के द्वारा अचानक आर्ट्स और कॉमर्स की विषय को हटाने के विरोध को लेकर हम कलेक्टरेट आए हुए हैं। पूरे मामले में स्कूल प्रबंधक पर कार्रवाई होनी चाहिए।
हमने किसी बच्चे को टीसी देने की बात नहीं कहीं है
माधवराव सप्रे स्कूल की प्रिंसिपल डॉ अनुपमा श्रीवास्तव ने बताया कि हमने ना किसी बच्चे को टीसी दी है न ही टीसी देने की बात कही है। स्कूल में आर्ट्स और कॉमर्स के टीचर्स की कमी होने के कारण हमने कलेक्टर से मांग की थी। जिला शिक्षा अधिकारी से हमारी बात हुई है
उन्होंने निर्देशित किया है कि आर्ट्स और कॉमर्स की कक्षा लगाई जाए।
