खर्वे गांव में 8 संदिग्ध मौतों से सनसनी, फॉरेंसिक जांच के लिए कब्र से निकाले गए 6 और शव, शराब में जहर मिलाकर देने से मौत की आशंका

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बलौदाबाजार। जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों के भीतर हुई 8 संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट कर लोगों को पिलाया गया, जिसके बाद एक-एक कर कई लोगों की मौत हो गई। शिकायत के बाद अब पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। फॉरेंसिक जांच के लिए दफन किए गए 6 और शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

खर्वे गांव इन दिनों दहशत और चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। फरवरी से 15 मई 2026 के बीच गांव में 8 लोगों की अलग-अलग समय पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआत में परिजनों ने इन मौतों को सामान्य मानते हुए अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया पूरी कर दी, लेकिन लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीणों को संदेह होने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि मौत से पहले अधिकांश लोगों ने गांव के एक किराना व्यापारी से जुड़ी कथित गोवा शराब का सेवन किया था। इसी आधार पर ग्रामीणों ने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच की मांग की।

मायाराम नौरंगे, ग्रामीण
ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस, राजस्व विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम गांव पहुंची। शनिवार को एक शव का उत्खनन किया गया था, वहीं मंगलवार को कार्यपालक दंडाधिकारी की अनुमति के बाद 6 और शव कब्र से निकाले गए। एक मृतक का दाह संस्कार हो चुका था, इसलिए उसका शव परीक्षण नहीं हो सका।

ग्रामीणों ने पुलिस को दिए आवेदन में मृतकों की मौत से पहले की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए शराब सेवन और मौत के बीच समानता होने का दावा किया है। वहीं गांव के एक युवक ने यह भी बताया कि कथित शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी और लगातार उल्टी होने के कारण उसकी जान बच गई। इधर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। कुछ लोग इसे जहरीली शराब का मामला मान रहे हैं तो कुछ लोग अन्य संभावित कारणों को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
ग्रामीणों ने 8 मौतों की जानकारी दी है, जिनमें कई मामलों में शराब सेवन के बाद मौत होने का दावा किया गया है।

पहला मामला 7 फरवरी 2026 का है, जब बद्री पटेल की कथित तौर पर शराब पीने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

दूसरा मामला 21 फरवरी 2026 का बुतलूराम साहू का है, जो शराब सेवन के दौरान अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।

तीसरा मामला 3 मार्च 2026 का है गांव के पूर्व सरपंच छत्तूराम साहू की मौत हुई थी । ग्रामीणों के अनुसार शराब सेवन के बाद वे सामुदायिक भवन के पास गिरे और उनकी मौत हो गई।

चौथा मामला 14 मार्च का है, जब बुधराम जायसवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। ग्रामीणों ने भी इस मौत पर सवाल उठाए हैं।

पांचवां मामला विनोद साहू का है, जिनकी कथित तौर पर शराब सेवन के बाद मौत हो गई।

छठवां मामला 28 अप्रैल 2026 गजानंद मांझी का है। ग्रामीणों के मुताबिक शराब पीने के बाद उनकी भी संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई।

सातवां मामला 30 अप्रैल 2026 चैतूराम साहू का है, जिन्होंने कथित रूप से घर ले जाकर शराब का सेवन किया था और बाद में उनकी मौत हो गई।

आठवां मामला 15 मई का महेतरु साहू का है। ग्रामीणों के अनुसार शराब सेवन के बाद वे नदी किनारे गए थे, जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

अभिषेक सिंह
खर्वे गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण जहरीली शराब की आशंका जता रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन वैज्ञानिक जांच के जरिए सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। अब सबकी नजर फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इन मौतों की असली वजह सामने आ सकेगी।