दंतेवाड़ा की जागेश्वरी दुर्लभ त्वचा रोग से जूझ रही, एम्स रायपुर में फिर शुरू हुआ विशेष उपचार

Follow Us

दंतेवाड़ा। जिले की 14 वर्षीय बालिका जागेश्वरी एक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग इकथियोसिस हिस्ट्रिक्स से पीड़ित है। इस बीमारी के कारण उसकी त्वचा पेड़ की छाल जैसी मोटी और कांटेदार परतों में बदल गई है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल पर उसे दोबारा एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।जानकारी के अनुसार, जागेश्वरी के जन्म के कुछ महीनों बाद ही उसके शरीर पर असामान्य त्वचा संबंधी लक्षण दिखाई देने लगे थे। बीमारी की जानकारी नहीं होने के कारण परिवार ने शुरुआत में घरेलू उपाय और झाड़-फूंक का सहारा लिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। समय के साथ उसकी त्वचा मोटी, सूखी और कठोर होती गई।

बीमारी का असर केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी पड़ा। परिजनों के मुताबिक, अन्य बच्चों द्वारा मजाक उड़ाए जाने के कारण वह धीरे-धीरे लोगों से दूर रहने लगी। वर्ष 2019 में भी उसका एम्स रायपुर में इलाज हुआ था, जिससे कुछ सुधार देखने को मिला था।एम्स रायपुर के विशेषज्ञों का कहना है कि इकथियोसिस हिस्ट्रिक्स एक दुर्लभ त्वचा रोग है, जिसका स्थायी इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है। हालांकि नियमित दवाओं, विशेष देखभाल और चिकित्सकीय निगरानी से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।