फीफा ने दी क्लीन चिट: नस्लभेदी इशारे के आरोपों से ऑस्ट्रेलियाई VAR शॉन इवांस बरी, जांच में नहीं मिले सबूत

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नई दिल्ली। फीफा ने ऑस्ट्रेलियाई वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) शॉन इवांस को नस्लभेदी इशारा करने के आरोपों से मुक्त कर दिया है। जर्मनी और कुराकाओ के मुकाबले से पहले इवांस पर एक विवादित हाथ के संकेत का आरोप लगा था, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। फीफा की स्वतंत्र अनुशासनात्मक समिति ने जांच के बाद कहा कि इवांस के खिलाफ नियमों के उल्लंघन का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। समिति ने उनके बयान और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया।

इवांस ने अपने बचाव में कहा था कि, उनका इशारा जानबूझकर नहीं किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि, वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण संदेश या विचारधारा से जुड़े नहीं हैं। उनके अनुसार, यह हरकत अनजाने में हुई और उन्हें उस समय इसका एहसास भी नहीं हुआ। विवादित संकेत को लेकर इसलिए सवाल उठे क्योंकि उल्टा ‘ओके’ इशारे को कुछ कट्टरपंथी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने के कारण विवादित माना गया है। हालांकि, सामान्य तौर पर यह संकेत कई जगहों पर मजाक या सामान्य भाव के रूप में भी इस्तेमाल होता रहा है।

38 वर्षीय शॉन इवांस 2017 से फीफा की रेफरी सूची में शामिल हैं और 2022 कतर विश्व कप में भी रेफरी टीम का हिस्सा रह चुके हैं। फीफा ने अपने बयान में कहा कि, जांच के दौरान किसी भी अनुशासनात्मक उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई। इवांस ने कहा कि, विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भूमिका निभाना उनके लिए सम्मान की बात है और वह आगे भी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे।