अमेरिकी-ईरान डील पर ईरानी सेना का बयान: ‘दुश्मन ने सरेंडर किया’, एक्ट को बताया बड़ी जीत

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वाशिंगटन/ तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर अब ईरानी सेना की ओर से कड़ा और तीखा बयान सामने आया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि यह समझौता ईरान की रणनीतिक और कूटनीतिक जीत है और इसमें “दुश्मन को झुकना पड़ा और सरेंडर करना पड़ा।”

IRGC के मुताबिक, लंबे संघर्ष और तनाव के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आखिरकार बातचीत की मेज पर आना पड़ा। बयान में कहा गया कि, ईरान की जनता और सशस्त्र बलों ने यह साबित कर दिया है कि दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद देश ने मजबूती से अपनी स्थिति बनाए रखी। ईरानी सेना ने इस समझौते को पूरी तरह एकतरफा जीत बताते हुए कहा कि, अमेरिका और इजरायल के सामने अब कोई विकल्प नहीं बचा था। हालांकि, साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह समझौता एक “MoU” है और ईरान किसी भी स्तर पर अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं करेगा और लगातार निगरानी जारी रखेगा।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी बयान जारी कर इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि, महीनों की कठिन बातचीत के बाद यह मसौदा तैयार हुआ है। इसके तहत क्षेत्रीय तनाव कम करने, नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि, यह वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए राहत का कदम है। अब 19 जून को जिनेवा में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।