रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली शराब और उससे संबंधित सामग्री जब्त की गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, ग्राम धनागर क्षेत्र में लंबे समय से ब्रांडेड शराब की नकली पैकेजिंग के जरिए अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने जांच कर छापेमारी की, जिसमें संदिग्ध शराब और नकली लेबल मिलने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
छापे के दौरान पुलिस ने दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर नकली शराब तैयार करने और बाजार में बेचने की बात स्वीकार की है। बताया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार कोरोना काल से संचालित हो रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, गोवा, रिजर्व क्वार्टर और किंगफिशर जैसे ब्रांडों की पैकिंग में तैयार नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, खाली बोतलें, ढक्कन और अन्य सामग्री बरामद की। कुल 869 बोतलें (पौवा, अद्धी और फुल बोतल) यानी करीब 240 लीटर नकली शराब जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2.16 लाख रुपये बताई गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी स्प्रिट और अन्य पदार्थों में मिलावट कर शराब तैयार करते थे और उसे असली ब्रांड की तरह पैक कर बाजार में खपाते थे। पुलिस का कहना है कि इससे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने कहा है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
