नई दिल्ली। ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आज, 8 जून को देश भर में कालाष्टमी के रूप में मनाई जा रही है। यह पावन दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप और काशी के कोतवाल कहे जाने वाले भगवान काल भैरव को समर्पित होता है। अधिक मास में पड़ने के कारण इस बार की कालाष्टमी का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है, जिससे आज की जाने वाली साधना कई गुना अधिक पुण्यदायी मानी जा रही है। काल भैरव की पूजा का सबसे उत्तम समय सूर्यास्त के बाद का होता है। आज शाम को गोधूली मुहूर्त 7:16 बजे से 7:36 बजे तक और सायं संध्या का समय 7:17 बजे से 8:18 बजे तक रहेगा, जो तंत्र-मंत्र और विशेष उपायों के लिए सबसे फलदायी है।
इस विशेष दिन पर जीवन के कष्टों, भय और नजर दोष से मुक्ति पाने के लिए 5 अचूक उपाय बताए गए हैं। पहला उपाय है काल भैरव के वाहन काले कुत्ते को शाम के समय मीठी रोटी, गुड़ या बिस्कुट खिलाना, जिससे राहु-केतु के दोष शांत होते हैं। दूसरा, रात के समय भैरव मंदिर या घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चौमुखी (चार मुख वाला) दीपक जलाएं, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। तीसरा, शत्रुओं और कानूनी बाधाओं पर विजय पाने के लिए ‘कालभैरवाष्टकम्’ या भैरव चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। चौथा, जीवन के बड़े संकटों को टालने के लिए ‘ओम ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ओम नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। अंत में, इस दिन पूर्ण सात्विकता बनाए रखना आवश्यक है; मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें तथा किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति का अपमान भूलकर भी न करें।
