नई दिल्ली। भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप ने दक्षिण अमेरिकी बाजार में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। समूह की प्रमुख कंपनी ‘अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन’ (APSEZ) को अर्जेंटीना के पहले लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 10 साल का समुद्री सेवा (मरीन सर्विसेज) कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस ऐतिहासिक वैश्विक सफलता की खबर आने के बाद सोमवार को शेयर बाजार के निवेशकों की नजर अडानी पोर्ट्स के शेयरों पर टिकी रही। यह बड़ा ऑर्डर अडानी पोर्ट्स की सहायक कंपनी ‘अडानी हार्बर इंटरनेशनल एफजेडसीओ’ ने अर्जेंटीना के ‘मेरिडियन ग्रुप’ के साथ मिलकर एक कंसोर्टियम के जरिए हासिल किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट ‘सदर्न एनर्जी एस.ए.’ (SESA) द्वारा आयोजित एक कड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद अडानी समूह के नाम रहा।
इस प्रोजेक्ट के संचालन के लिए एक ज्वॉइंट वेंचर बनाया गया है, जिसमें अडानी ग्रुप की 51% और मेरिडियन ग्रुप की 49% हिस्सेदारी होगी। 10 साल के इस समझौते के तहत अडानी ग्रुप सदर्न एनर्जी के फ्लोटिंग लिक्विफाइड नेचुरल गैस (FLNG) प्रोजेक्ट को कई अहम सेवाएं देगा, जिनमें LNG जहाजों के लिए टगबोट संचालन, ऑफशोर लॉजिस्टिक्स, सप्लाई सपोर्ट और क्रू ट्रांसफर सेवाएं शामिल हैं। इस पूरे परिचालन को संभालने के लिए चार अत्याधुनिक टगबोट और क्रू बोट सहित एक विशेष समुद्री बेड़े का उपयोग किया जाएगा। लगभग 70 मिलियन डॉलर (करीब ₹580 करोड़) के निवेश से जुड़े इस प्रोजेक्ट को अर्जेंटीना के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अडानी ग्रुप के लिए यह डील इसलिए खास है क्योंकि इससे दक्षिण अमेरिका के लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर में उसकी मजबूत एंट्री हुई है, जो उसके वैश्विक पोर्टफोलियो को और ज्यादा ताकत देगी।
