नई दिल्ली। ट्विशा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई जांच तेज होने के साथ ही जेल भेजे गए आरोपियों की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के साथ उनके अधिवक्ता बेटे समर्थ सिंह को भोपाल की केंद्रीय जेल में रखा गया है। दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जेल प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक प्रहरियों की विशेष तैनाती की है और उनकी बैरकों के आसपास अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर चौबीसों घंटे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
इसी बीच जेल प्रशासन ने सह-आरोपी समर्थ सिंह को विशेष सुरक्षा सेल से हटाकर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। हालांकि, इस शिफ्टिंग के बावजूद उनकी सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी गई है और प्रहरियों को उनकी हर हरकत पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश हैं। दूसरी तरफ, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को महिला बैरक में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है, जहां केवल महिला प्रहरियों की ड्यूटी लगाई गई है। उनकी सुरक्षा को लेकर इतनी सतर्कता इसलिए बरती जा रही है क्योंकि इसी जेल में उनके कार्यकाल के दौरान सजा पाए करीब 26 कैदी भी बंद हैं।
ऐसे में प्रशासन किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। जेल में मां-बेटे का व्यवहार अब तक काफी सामान्य और संजीदा देखा गया है। जेल अधिकारियों से बातचीत के दौरान पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने स्पष्ट किया कि वे किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं हैं। उन्होंने देश की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उन्होंने और उनके बेटे ने कुछ भी गलत नहीं किया है।
