शुरुआती कारोबार के आंकड़े
घरेलू सूचकांकों में आज शानदार बढ़त दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 267.74 अंकों (0.35 प्रतिशत) की तेजी के साथ 76,135.54 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही, एनएसई निफ्टी 57.15 अंक (0.24 प्रतिशत) चढ़कर 23,964.30 के स्तर पर पहुंच गया।
कच्चे तेल में नरमी का मिला फायदा
शेयर बाजार के सेंटिमेंट और महंगाई दर को कंट्रोल करने के मोर्चे पर सबसे बड़ी राहत कच्चे तेल की कीमतों से आई है। कमोडिटी मार्केट में ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत (0.86 डॉलर) गिरकर 91.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इसी तरह क्रूड ऑयल 1.24 प्रतिशत (1.10 डॉलर) फिसलकर 87.80 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। जानकारों का मानना है कि ब्रेंट क्रूड का 92 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहना बाजार की धारणा के लिए काफी पॉजिटिव है। वहीं, सोने के भाव में 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई और यह 4,499.11 डॉलर पर पहुंच गया।
सेक्टर्स का हाल: आईटी और फार्मा सबसे आगे
बाजार की इस तेजी में सेक्टोरल परफॉर्मेंस ने अहम भूमिका निभाई है।
- निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे ज्यादा 2.01 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ आगे रहा।
- निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.68 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
- निफ्टी पीएसयू बैंक भी 0.65 प्रतिशत की मजबूती के साथ हरे निशान में रहे।
- ऑयल एंड गैस, ऑटो, मेटल, रियल्टी और प्राइवेट बैंक सेक्टर्स में भी निवेशकों की हल्की खरीदारी देखी गई।
- इसके विपरीत, निफ्टी एफएमसीजी 0.20 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
ग्लोबल मार्केट का मजबूत सपोर्ट
भारतीय बाजार को अमेरिकी और एशियाई बाजारों से भी अच्छे संकेत मिले हैं। वॉल स्ट्रीट में रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी है, जहां टेक शेयरों की बदौलत एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.91 प्रतिशत का उछाल आया। यह तेजी मुख्य रूप से ‘स्नोफ्लेक’ के शानदार आउटलुक और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित 60 दिन के युद्धविराम की खबरों के कारण कम हुए जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से आई है। इसी पॉजिटिव माहौल का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा, जहां निक्केई और कोस्पी इंडेक्स भी भारी तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
एक्सपर्ट की राय और आगे की राह
एक्सिस डायरेक्ट के हेड ऑफ रिसर्च, राजेश पालविया के अनुसार, बाजार में लगातार बनी हुई घरेलू लिक्विडिटी और निवेशकों के सुधरते जोखिम लेने के रवैये के कारण गिरावट पर खरीदारी का मौका बना हुआ है। उन्होंने बताया कि निफ्टी का 23,983.2 के करीब लंबी ‘अपर विक’ बनाना सिर्फ एक सेलेक्टिव कंसोलिडेशन है, इसे ट्रेंड का खराब होना नहीं माना जाना चाहिए।
भले ही गिफ्ट निफ्टी ने सुस्त शुरुआत के संकेत दिए हों, लेकिन बाजार का कुल रुझान पॉजिटिव है। पालविया का मानना है कि अगर निफ्टी 24,000 के स्तर को निर्णायक रूप से पार करता है, तो यह 24,150 से 24,200 के जोन की तरफ नई रफ्तार पकड़ सकता है। वहीं, बाजार में किसी भी तरह की गिरावट आने पर 23,800 का स्तर