“मोदी के पास भी नहीं था प्रशासनिक अनुभव…” केरल कांग्रेस नेता सतीशन के बयान से मचा सियासी बवाल

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तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव में 102 सीटों की ऐतिहासिक जीत के बाद कांग्रेस में जश्न के बजाय आंतरिक कलह का माहौल बन गया है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे वी.डी. सतीशन अपने एक विवादास्पद बयान के कारण अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। सतीशन ने अपनी दावेदारी को सही ठहराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि, “प्रशासनिक अनुभव कोई मुद्दा नहीं है। जब पीएम मोदी मुख्यमंत्री बने थे, तब उनके पास क्या अनुभव था? वे केवल एक पार्टी संगठनकर्ता थे।” सतीशन का यह तर्क कि, मोदी बिना अनुभव के सफल सीएम बन सकते हैं तो वे क्यों नहीं, अब उनके लिए जी का जंजाल बन गया है।

पार्टी के भीतर और सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। कांग्रेस समर्थक इसे “बड़ा रेड फ्लैग” मान रहे हैं कि, पार्टी का एक बड़ा नेता अपनी तुलना मोदी से कर रहा है। यह विवाद तब और गहरा गया जब सतीशन ने सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए कि, यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तो वे कैबिनेट का हिस्सा भी नहीं बनेंगे। वे केवल एक विधायक के रूप में काम करना पसंद करेंगे। उनके समर्थकों ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया पर ‘राहुल गांधी, वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाओ’ अभियान शुरू कर दिया है, जिस पर लाखों कमेंट्स आ चुके हैं।

परावूर सीट से भारी मतों से जीतने वाले सतीशन को 2021 की हार के बाद संगठन को फिर से खड़ा करने का श्रेय दिया जाता है। हालांकि, मुख्यमंत्री के चयन को लेकर आलाकमान अभी मंथन कर ही रहा था कि, इस बयान ने सियासी समीकरणों को उलझा दिया है। सीपीएल (CLP) की बैठक के बाद सतीशन की चुप्पी और पत्रकारों से दूरी इस बात का संकेत है कि, केरल कांग्रेस के भीतर वर्चस्व की लड़ाई अब आर-पार के मोड़ पर पहुंच चुकी है। 10 साल बाद सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस के लिए यह अंदरूनी खींचतान सरकार गठन की प्रक्रिया में बड़ी बाधा साबित हो सकती है।