डॉलर के मुकाबले रुपया फिर दबाव में: कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन, जानिए बाजार का पूरा हाल

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विदेशी मुद्रा बाजार में 7 मई को भारतीय रुपया फिर कमजोर होकर खुला, जिससे डॉलर के मुकाबले इसकी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर बनी अनिश्चितता ने भारतीय करेंसी पर दबाव बढ़ा दिया है। रुपया पिछले सत्र में 94.61 के स्तर पर बंद हुआ था, लेकिन नए कारोबारी दिन की शुरुआत 94.71 पर हुई, यानी इसमें 10 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इससे पहले रुपये में करीब 0.6% की मजबूती भी देखी गई थी, जो पिछले एक महीने में इसकी सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही थी।

वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं और यह करीब 102 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है। तेल की इस तेजी का सीधा असर आयात बिल पर पड़ रहा है, जिससे रुपये पर दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती और भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक रुपये में बड़ी मजबूती की संभावना सीमित रहेगी। फॉरेक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, रुपया 95.30–95.50 के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस फेस कर सकता है, जबकि 93.80–94.20 तक की हल्की रिकवरी संभव है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि, अमेरिकी-ईरान बातचीत से जुड़ी खबरें आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी और इसी पर रुपये की चाल काफी हद तक निर्भर करेगी।