रायपुर (जसेरि)। राजधानी के भाठागांव क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति, बिना वैध पंजीयन और बिना स्वीकृत लेआउट के जमीन के टुकड़े काटकर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इससे आम लोगों को भविष्य में कानूनी और बुनियादी सुविधाओं की भारी परेशानी हो सकती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबदबे के कारण यह गतिविधि लंबे समय से जारी है और संबंधित विभागों की कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई धीमी होने से अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस प्लॉटिंग में कोसल सोनकर और भारत ठाकुर के नाम चर्चा में हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। भाठागांव में हो रही कथित अवैध प्लॉटिंग की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन प्लॉटों में सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कोई गारंटी नहीं होती। कई बार खरीदार अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर प्लॉट खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पता चलता है कि जमीन विवादित या अस्वीकृत है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना स्वीकृति और पंजीयन की गई प्लॉटिंग नियमों का उल्लंघन है और इसके लिए भू-राजस्व संहिता और नगर निवेश अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से तुरंत जांच कर अवैध निर्माण पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
भाठागांव में अवैध प्लॉटिंग का आरोप, नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की
